भोपाल में कोलार पाइपलाइन की मरम्मत तय समय पर पूरी नहीं हो सकी। चौथे दिन भी 15 लाख से ज्यादा लोग पानी संकट से जूझ रहे हैं, जबकि कई इलाकों में टैंकरों का इंतजार जारी है।
भोपाल। राजधानी को पानी आपूर्ति करने वाली बासखेड़ी इलाके की कोलार पाइपलाइन के मरम्मत का काम बुधवार की डेडलाइन बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। गुरुवार को भी सप्लाई नहीं होने से राजधानी की करीबन 15 लाख आबादी बुरी तरह प्रभावित हुई। उधर नगर निगम ने दावा किया है कि पाइपलाइन सुधारने का काम जारी है। यह मरम्मत का काम काफी जटिल है, इसलिए इसमें उम्मीद से ज्यादा समय लग रहा है।
पाइपलाइन के टूटने से राजधानी भोपाल की आधी आबादी को पानी की भारी किल्लत खड़ी हो गई है। बांसखेड़ी में कोलार लाइन फूटने से टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। उधर गुरुवार को नगर निगम महापौर मालती राय, आयुक्त संस्कृति जैन, भाजपा नगर अध्यक्ष रविद्र यति पहुंचे और कार्य का निरीक्षण किया। इस मौके पर अपने कार्यकर्ताओं के पास पहुंचे कोलार कांग्रेस के नेता राहुल सिंह राठौड़ ने तुरंत समस्या का समाधान करने की मांग की।
बता दें कि भोपाल नगर निगम ने मंगलवार सुबह 10 बजे आपातकालीन मरम्मत के लिए इस सप्लाई को बंद किया था। शुरुआत में इसे 36 घंटे का शटडाउन बताया गया था, लेकिन अब यह समय सीमा पार हो चुकी है। शहर के एक बड़े हिस्से में लोग लगातार चौथे दिन पानी के लिए तरस रहे हैं। साल 2021 में शहर की 40 साल पुरानी जर्जर लाइन को हटाकर इस नई कोलार पाइपलाइन को डाला गया था, जो नए और पुराने भोपाल के पानी के सिस्टम की रीढ़ है।
37 फीसदी आबादी चार दिन से प्रभावित
कोलार के बासखेड़ी स्थित अकेले इस पाइपलाइन से भोपाल की रोजाना की 37 फीसदी पानी की जरूरत पूरी होती है। इसके बंद होने से शाहजहांनाबाद, निशातपुरा, हमीदिया रोड, मोती मस्जिद, शाहपुरा, त्रिलंगा, अरेरा कॉलोनी, तुलसी नगर, शिवाजी नगर, चार इमली, चूना भट्टी, कोटरा सुल्तानाबाद, एमपी नगर और गुलमोहर कॉलोनी जैसे वीआईपी और रिहायशी इलाकों की रफ्तार पूरी तरह थम गई है।
काम पूरा होने के बाद भी लगेगा समय
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक विशेष टीमों को चौबीसों घंटे मरम्मत के काम में लगाया गया है। हालांकि, तकनीकी पेंच यह है कि पाइपलाइन ठीक होने के बाद भी पानी को फिल्टरेशन प्लांट तक पहुंचने में कम से कम 8 से 10 घंटे का समय लगेगा। मरम्मत पूरी होने के बाद भी लोगों के घरों तक पानी धीरे-धीरे और रुक-रुक कर ही पहुंचेगा।
शहर में 100 टैंकरों से सप्लाई, घंटो कर रहे इंतजार
निगम अधिकारियों ने दावा किया कि प्रभावित इलाकों में करीबन 100 टैंकरों से सुबह 6 से रात 11 बजे तक आपूर्ति की जा रही है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई इलाकों में पानी का प्रेशर बहुत कम है। लीकेज की वजह से लोगों तक जरूरत का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लोग घरों में जमा पानी को बेहद कम खर्च कर रहे हैं और टैंकरों के आने का इंतजार करने को मजबूर हैं।
गुरुवार को वार्ड 27 के राजीव नगर में पानी के टैंकर के इतंजार में लोग रोड पर दो घंटे से बर्तन- गुंड्डी लेकर इंतजार करते रहे। वही जोन दो, चार, पांच, छह, सात, आठ, 10 और 21 में स्थिति सबसे खराब है। इन प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए अकेले 70 पानी के टैंकरों को मैदान में उतारा है। ये टैंकर तीन दिनों में अब तक 490 ट्रिप लगा चुके हैं। इनमें से करीबन 250 ट्रिप अकेले जोन आठ यानी तुलसी नगर और चार इमली वाले क्षेत्रों में पहुंचे। यहां नेता, अधिकारी और रसूखदारों के ठिकाने हैं, जबकि अन्य प्रभावित क्षेत्रों में लोग पानी के लिए टैंकरों के इंतजार में भटकते रहे। निगम का शिकायत सिस्टम भी ठप हो गया है। पानी की समस्या को लेकर चार दिनों में 1000 से अधिक शिकायतें लंबित हो गई है।
इनका कहना है..
नगर निगम भोपाल के सिटी इंजीनियर उदित गर्ग ने बताया कि कोलार के बांसखेड़ी स्थित टूटी पाइपलाइन स्थल पर हमारी टीमें बिना रुके ग्राउंड पर काम कर रही हैं। एक बार जब ग्रेविटी मेन लाइन पूरी तरह चालू हो जाएगी, तो शहर भर में पानी का प्रेशर सामान्य होने लगेगा। हालांकि, सभी प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह बहाल होने में शुक्रवार देर शाम तक का समय लग सकता है।