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BHEL Bhopal Green Mission

Environment Day Special: भोपाल का ‘ऑक्सीजन बैंक’ बना भेल, 70 साल में 5 करोड़ पौधों से तैयार हुई हरित विरासत

भोपाल में भेल ने पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश करते हुए स्थापना के बाद से करीब 5 करोड़ पौधे लगाए हैं। लगातार हरित अभियान से शहर को बड़ा ऑक्सीजन बैंक और नई पहचान मिली है।


environment day special भोपाल का ‘ऑक्सीजन बैंक’ बना भेल 70 साल में 5 करोड़ पौधों से तैयार हुई हरित विरासत

Bhopal News |

भोपाल। भेल भोपाल ने पर्यावरण दिवस पर विभिन्न पर्यावरणीय जागरुकता अभियान और सामाजिक पहल के जरिए पौधरोपण कर राजधानी की हरियाली को सुंदर रुप देने के साथ अलग पहचान दी है। इससे राजधानी में एक बड़ा ऑक्सीजन बैंक आकार लेने जा रहा है। भेल ने पिछले तीन सालों में लगभग 1.50 लाख से अधिक पौधरोपण किया है। भेल की स्थापना के बाद अब तक पांच करोड़ पौधे भेल टाउनशिप और आसपास के इलाकों में लग चुके हैं।

भेल के ईडी एके उपाध्याय ने बताया कि अपनी स्थापना दिवस 23 अगस्त 1956 से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने की दिशा में भेल हर साल अलग-अलग जगहों पर अधिक से अधिक पौधेरोपण कर रही है। उन्होंने बताया कि भेल क्षेत्र में नीम, आम, कटहल, शीशम, नीलगिरी, अमलतास, पीपल समेत अनेक प्रजाति के फल छायादार पौधे लगाए गए हैं, इनमें से 75 फीसदी पौधे अब वृक्षों का आकार ले चुके हैं। 2023-24 में 23600, 2024-25 में 59007 एवं 2025-26 में लगभग 60000 पौधे रोपे गए। इस साल 2026 में भी हजारों पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह समाज में भेल ने पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा दिया है ।

वायु गुणवत्ता में सुधार करता पौधरोपण

पर्यावरण विद् डॉ सुभाष पांडे का मानना है कि पौधरोपण से वातावरण में हरियाली बढता है। वायु गुणवत्ता में सुधार होने के साथ जलवायु परिवर्तन से निपटना आसान होता है। लगातार पौधरोपण से वनस्पति जीवन के संरक्षण में मदद करने के साथ प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को भी रोकता है। वही राजधानी भेल की हरियाली ने भोपाल की खूबसूरती को भी विश्व स्तर पर पहचान दी है।

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