अयोध्या में शनिवार को 10वें दीपोत्सव का भव्य आयोजन हो रहा है। रामनगरी में सुबह से ही उत्सव का माहौल है। साकेत महाविद्यालय से भगवान श्रीराम के जीवन और सरकार की योजनाओं पर आधारित 21 झांकियां निकालने का सिलसिला शुरू हो गया है। वहीं, शाम को सरयू नदी के किनारे 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाए जाएंगे। इस बार 2,147 अर्चक एक साथ सरयू महाआरती करेंगे।
दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति डॉ. सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शामिल होंगे। रामकथा पार्क में भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक किया जाएगा। देश-विदेश से आए कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे। पूरे आयोजन के लिए अयोध्या को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से तैयार किया गया है।

पर्यटन मंत्री ने दिखाई झांकियों को हरी झंडी
दीपोत्सव के कार्यक्रमों की शुरुआत साकेत महाविद्यालय से झांकियों के रवाना होने के साथ हुई। प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने झांकियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये झांकियां करीब 4 किलोमीटर की दूरी तय कर रामकथा पार्क पहुंचेंगी।इस बार कुल 21 झांकियां तैयार की गई हैं। इनमें 7 झांकियां रामायण के प्रसंगों पर आधारित हैं, जबकि 14 झांकियों के जरिए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। झांकियों के आगे शिवमुद्रा का दल अपनी प्रस्तुति देते हुए चल रहा है।
30 लाख दीयों से रोशन होंगे सरयू के 56 घाट

दीपोत्सव की सबसे बड़ी तस्वीर शाम को राम की पैड़ी और सरयू नदी के किनारे देखने को मिलेगी। यहां 56 घाटों को दीपों से सजाया गया है। आयोजन के दौरान करीब 30 लाख दीये जलाए जाएंगे।इस बार सरयू महाआरती भी खास होने वाली है। इसमें 2,147 अर्चक एक साथ आरती करेंगे। इसके अलावा 2,100 ड्रोन के जरिए आसमान में रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा।राम की पैड़ी पर 3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो भी आयोजित होगा। वहीं, नया घाट पर म्यूजिकल आतिशबाजी की तैयारी की गई है।
उपराष्ट्रपति और CM योगी करेंगे रामलला का राज्याभिषेक
दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति डॉ. सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक करेंगे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी इस आयोजन में मौजूद रहेंगी।रामकथा पार्क में होने वाले कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय रामलीला दल भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन करेंगे। देश और प्रदेश के करीब 2,000 कलाकार भी अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।इस बार दीपोत्सव में कई देशों की रामलीला टीमें भी हिस्सा ले रही हैं। इनके जरिए अलग-अलग देशों में प्रचलित रामायण की परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
पुष्पक विमान और राम दरबार होंगे आकर्षण
इस बार दीपोत्सव में पुष्पक विमान और राम दरबार को खास तौर पर तैयार किया गया है। पुष्पक विमान 30 फीट लंबा, 12 फीट चौड़ा और 16 फीट ऊंचा बनाया गया है। वहीं, राम दरबार की ऊंचाई करीब 20 फीट रखी गई है।इसके अलावा रामायण की थीम पर आधारित तीन नावें सरयू नदी में दिखाई देंगी। 15 फीट ऊंचा रामरथ भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इस रथ पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान और अन्य दिव्य स्वरूप विराजमान होंगे।
मथुरा से भी पहुंचे कलाकार, बच्चों में दिखा उत्साह
दीपोत्सव में शामिल होने के लिए मथुरा से भी कलाकारों के दल अयोध्या पहुंचे हैं। नगाड़ा और बम रसिया की प्रस्तुति देने आए लक्ष्मण बेनीवाल ने बताया कि उनकी टीम हर साल दीपोत्सव में शामिल होती है। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय भी वह अयोध्या आए थे।वहीं, मथुरा से 12 महिलाओं का नाड़ा दल भी पहुंचा है। इनके साथ 6 से 12 साल तक के बच्चे भी शामिल हैं, जो हाथों में डंडे लेकर दल के आगे चल रहे हैं। दल की महिलाओं के मुताबिक, वे पिछले दो साल से इस उत्सव में हिस्सा ले रही हैं।साकेत महाविद्यालय में झांकियों के रवाना होने से पहले कलाकारों ने रिहर्सल किया। ढोल-मंजीरों की गूंज और कलाकारों के उत्साह ने सुबह से ही रामनगरी का माहौल उत्सवमय बना दिया।
मुख्य कार्यक्रम में 6 हजार श्रद्धालुओं को ही मिलेगा प्रवेश
दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रशासन ने करीब 6 हजार श्रद्धालुओं को पास जारी किए हैं। बिना पास के मुख्य कार्यक्रम स्थल में प्रवेश नहीं मिलेगा।हालांकि, मुख्य कार्यक्रम समाप्त होने के बाद श्रद्धालु राम की पैड़ी पहुंचकर दीपोत्सव का नजारा देख सकेंगे। आयोजन को देखने के लिए देशभर से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना जताई गई है।
8 नवंबर तक भारी वाहनों की एंट्री बंद
दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। 6 नवंबर की रात 12 बजे से 8 नवंबर तक अयोध्या में भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी।श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को भी रंग-बिरंगी रोशनी से भव्य तरीके से सजाया गया है। शनिवार शाम को जब सरयू के 56 घाट लाखों दीयों से जगमगाएंगे और आसमान में ड्रोन के जरिए रामायण के प्रसंग दिखाई देंगे, तब अयोध्या में दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण देखने को मिलेगा।