इंदौर के गांधी भवन में कांग्रेस नेता अजय सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया की कांग्रेस में वापसी होती है तो वह खुद पार्टी छोड़ देंगे। बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई
इंदौर में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ऐसा बयान दे दिया, जिसने मध्यप्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस के कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अगर केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia की कांग्रेस में वापसी होती है, तो वह खुद पार्टी छोड़ देंगे। इंदौर के Gandhi Bhavan में आयोजित कार्यक्रम में यह बयान उस वक्त सामने आया, जब पार्टी छोड़कर गए नेताओं की वापसी को लेकर सवाल पूछा गया।
“सरकार बनने के बाद गद्दारों की जरूरत नहीं”
दरअसल, कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता प्रवेश यादव ने सवाल किया कि अगर मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो क्या पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं की वापसी होगी?
इस पर Ajay Singh ने कहा कि सरकार बनने के बाद कांग्रेस को किसी “गद्दार” की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि चुनाव से पहले अगर कुछ लोग वापस आना चाहें तो पार्टी उस पर विचार कर सकती है।
लेकिन जब दोबारा सवाल पूछते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम लिया गया, तो अजय सिंह का जवाब और ज्यादा सख्त था।
सिंधिया का नाम आते ही बदला माहौल
अजय सिंह ने मंच से कहा, “अगर सिंधिया भी कांग्रेस में वापस आना चाहेंगे, तो हम उन्हें नहीं लेंगे।” इसके बाद उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा, “अगर इसके बाद भी सिंधिया कांग्रेस में आते हैं, तो मैं पार्टी छोड़ दूंगा।” यही बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
2020 की नाराजगी अब भी खत्म नहीं?
अब समझिए, अजय सिंह का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं माना जा रहा। इसके पीछे 2020 का वह घटनाक्रम भी जुड़ा है, जब Jyotiraditya Scindia ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। उसी के बाद कमलनाथ सरकार गिर गई थी और मध्यप्रदेश की राजनीति पूरी तरह बदल गई थी। कांग्रेस के कई नेताओं के भीतर उस घटनाक्रम को लेकर नाराजगी अब भी बनी हुई है।