बीजिंग में पुतिन से मुलाकात के दौरान शी जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट युद्ध पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया फिर जंगलराज की तरफ बढ़ रही है और लड़ाई रोकना बेहद जरूरी है।
Xi Jinping ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर दुनिया को गंभीर चेतावनी दी है। बीजिंग में रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin के साथ बैठक के दौरान जिनपिंग ने कहा कि अगर मौजूदा युद्ध नहीं रुका, तो दुनिया फिर “जंगलराज” की तरफ बढ़ सकती है।
चीन के राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। जिनपिंग ने कहा कि एकतरफा सैन्य कार्रवाई और लंबे समय तक चलने वाला युद्ध वैश्विक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर कर सकता है। ऐसे में अब दुनिया की नजर चीन और रूस की इस अहम बैठक पर टिक गई है।
बीजिंग में पुतिन का भव्य स्वागत
बीजिंग के Great Hall of the People में पुतिन का औपचारिक स्वागत किया गया। रेड कार्पेट पर दोनों नेता साथ चलते नजर आए और सैन्य बैंड ने रूस और चीन के राष्ट्रगान बजाए।
दरअसल, यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं मानी जा रही। बैठक में मिडिल ईस्ट संकट, ऊर्जा सुरक्षा, BRICS सहयोग और वैश्विक शक्ति संतुलन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। पुतिन ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में रूस और चीन के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं और दोनों देश कई साझा परियोजनाओं पर साथ काम कर रहे हैं।
चीन-रूस ने अमेरिका को क्या संदेश दिया?
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने “दबदबे की राजनीति” खत्म करने की बात कही। उनका संकेत पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका की ओर माना जा रहा है। China और Russia लंबे समय से खुद को “मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर” यानी बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का समर्थक बताते रहे हैं। इसका मतलब ऐसी दुनिया से है जहां ताकत सिर्फ एक देश के हाथ में न हो।
फिलहाल यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट के बीच चीन खुद को वैश्विक मध्यस्थ की भूमिका में भी पेश करने की कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि जिनपिंग ने युद्ध रोकने पर खास जोर दिया।
40 समझौतों पर हस्ताक्षर की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक पुतिन इस दौरे पर बड़े कारोबारी और सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे हैं। दोनों देशों के बीच करीब 40 समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इनमें ऊर्जा, अर्थव्यवस्था, पर्यटन और शिक्षा से जुड़े अहम समझौते शामिल बताए जा रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप में रूस की गैस बिक्री काफी घट गई है। ऐसे में चीन अब रूस के लिए सबसे बड़ा रणनीतिक और आर्थिक साझेदार बनता जा रहा है।
हालांकि जानकार मानते हैं कि चीन इस दौरान अमेरिका और रूस दोनों के साथ संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि बीजिंग लगातार खुद को बातचीत और शांति का समर्थक दिखा रहा है।
पुतिन और जिनपिंग की दोस्ती क्यों अहम?
Vladimir Putin और Xi Jinping अब तक 40 से ज्यादा बार मुलाकात कर चुके हैं। दोनों नेताओं की साझेदारी को दुनिया की सबसे मजबूत रणनीतिक राजनीतिक दोस्तियों में गिना जाता है। 2013 में राष्ट्रपति बनने के बाद जिनपिंग ने अपनी पहली विदेश यात्रा रूस की ही की थी। वहीं पुतिन भी कई बार चीन को अपनी शुरुआती विदेशी यात्राओं में प्राथमिकता देते रहे हैं।