अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाले 250 डॉलर नोट को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है। 150 साल पुराने कानून में बदलाव की तैयारी चल रही है, लेकिन अंतिम फैसला अब कांग्रेस के हाथ में है।
अमेरिका में एक बार फिर डोनाल्ड ट्रम्प सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह चुनावी रैली या अदालत नहीं, बल्कि अमेरिकी करेंसी है। ट्रम्प प्रशासन 250 डॉलर के नए नोट पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर छापने की तैयारी कर रहा है। अगर ऐसा होता है तो अमेरिकी इतिहास में 150 साल से ज्यादा समय बाद पहली बार किसी जीवित व्यक्ति की तस्वीर आधिकारिक नोट पर दिखाई दे सकती है।
वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इस प्रस्ताव की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि फिलहाल अमेरिकी कानून जीवित व्यक्तियों की तस्वीर नोट पर छापने की अनुमति नहीं देता, लेकिन इस नियम में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है। ऐसे में अब नजर अमेरिकी कांग्रेस पर टिकी है, क्योंकि कानून बदले बिना यह संभव नहीं होगा।
आखिर क्या है 150 साल पुराना नियम?
दरअसल, अमेरिका में 1866 से एक कानून लागू है, जिसके तहत किसी जीवित व्यक्ति की तस्वीर सरकारी नोट या सिक्योरिटी पर नहीं छापी जा सकती। यह नियम गृहयुद्ध के बाद बनाया गया था ताकि सत्ता में बैठे नेता अपनी छवि मजबूत करने के लिए करेंसी का इस्तेमाल न कर सकें।
अमेरिकी नोटों पर आमतौर पर पूर्व राष्ट्रपति या ऐतिहासिक हस्तियों की तस्वीरें ही दिखाई देती हैं। यही वजह है कि ट्रम्प की तस्वीर वाले नोट का प्रस्ताव आते ही राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है। हालांकि ट्रम्प समर्थक इसे अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि 2026 में अमेरिका की स्थापना के 250 साल पूरे हो रहे हैं और ऐसे मौके पर स्मारक नोट जारी करना ऐतिहासिक कदम हो सकता है।
250 डॉलर नोट का डिजाइन भी तैयार?
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी करेंसी छापने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंग्रेविंग एंड प्रिंटिंग (BEP) को शुरुआती डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। प्रस्तावित डिजाइन में ट्रम्प की तस्वीर नोट के बीच में रखी गई है। ब्रिटिश कलाकार इयान एलेक्जेंडर ने दावा किया है कि ट्रम्प ने खुद डिजाइन देखकर कुछ बदलाव सुझाए थे। उनके मुताबिक, ट्रम्प चाहते थे कि नोट में अमेरिकी झंडे के रंग और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ से जुड़े प्रतीकों को भी शामिल किया जाए। फिलहाल ट्रेजरी विभाग ने सिर्फ शुरुआती तैयारी की बात स्वीकार की है। अंतिम फैसला कांग्रेस की मंजूरी के बाद ही होगा।
संसद की मंजूरी क्यों जरूरी है?
250 डॉलर के नोट का प्रस्ताव सबसे पहले साउथ कैरोलिना के रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन ने पेश किया था। फरवरी 2025 में इसे हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के पास भेजा गया था। अब समझिए, इस प्रस्ताव को कानून बनने के लिए अमेरिकी संसद के दोनों सदनों हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट से पास होना जरूरी है। इसके बाद ही राष्ट्रपति की मंजूरी मिल सकेगी।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रक्रिया आसान नहीं होगी। अमेरिका में करेंसी डिजाइन, सुरक्षा परीक्षण और प्रिंटिंग में कई साल लगते हैं। पूर्व अधिकारियों के मुताबिक, नए नोट को बाजार में आने में 6 से 8 साल तक लग सकते हैं।
ट्रम्प के हस्ताक्षर और सिक्के पर भी चर्चा
सिर्फ नोट ही नहीं, ट्रम्प प्रशासन उनकी तस्वीर वाले 1 डॉलर के स्मारक सिक्के की तैयारी भी कर रहा है। अमेरिकी टकसाल ने इसके डिजाइन तैयार कर लिए हैं, लेकिन मंजूरी अभी बाकी है। इसके अलावा ट्रेजरी विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि अमेरिकी करेंसी पर ट्रम्प के हस्ताक्षर भी जोड़े जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह भी अमेरिकी इतिहास में पहली बार होगा जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर नोट पर दिखाई देंगे।