इटली ने अमेरिका को सैन्य बेस देने से इनकार किया, स्पेन ने एयरस्पेस रोका। रूस ने अमेरिका-इजराइल पर आरोप लगाए, ईरान पर हमले और तेल संकट से महंगाई बढ़ी।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यूरोप के कई देशों ने अमेरिका से दूरी बनानी शुरू कर दी है। इटली ने अपने सैन्य बेस के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। वहीं, स्पेन भी पहले ऐसा कदम उठा चुका है, जिससे हालात और जटिल हो गए हैं।
इटली ने सिगोनेला बेस इस्तेमाल करने से रोका
इटली ने अमेरिका को सिसिली द्वीप स्थित सिगोनेला मिलिट्री बेस के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी। जानकारी के अनुसार, अमेरिकी बॉम्बर विमान इस बेस पर उतरकर मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ना चाहते थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका ने इस योजना को लेकर इटली को पहले से कोई सूचना नहीं दी थी। न ही औपचारिक अनुमति ली गई और न ही सैन्य स्तर पर बातचीत की गई। इसी वजह से इटली ने साफ इनकार कर दिया।
स्पेन पहले ही बंद कर चुका है एयरस्पेस
इटली से पहले स्पेन भी अमेरिका को झटका दे चुका है। स्पेन ने ईरान से जुड़े सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। यूरोप के इन फैसलों को मौजूदा हालात में अहम माना जा रहा है।
रूस का आरोप: शांति नहीं चाहते अमेरिका-इजराइल
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ये दोनों देश ईरान और उसके पड़ोसियों के बीच बेहतर संबंध नहीं बनने देना चाहते। लावरोव ने ‘रेजीम चेंज’ की चर्चा को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इसके पीछे असली मकसद तेल और गैस संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करना हो सकता है।
ईरान के इस्फहान में अमेरिकी एयरस्ट्राइक
अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में एक बड़े हथियार डिपो को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की। रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया। बताया गया है कि इस डिपो में भारी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री रखी गई थी। हमले के बाद वहां कई विस्फोट हुए और आग के बड़े गुबार उठे। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।
ट्रम्प का बयान: तेल अमेरिका से खरीदें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि जो देश होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल नहीं ले पा रहे हैं, वे अमेरिका से तेल खरीद सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देशों को खुद अपनी सुरक्षा और जरूरतों के लिए आगे आना होगा। साथ ही यह भी कहा कि ईरान की स्थिति पहले की तुलना में कमजोर हुई है।
यूरोप में बढ़ी महंगाई, ऊर्जा कीमतों का असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर यूरोप की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। यूरोस्टेट के मुताबिक, मार्च में महंगाई बढ़कर 2.5% हो गई, जो फरवरी में 1.9% थी। आंकड़ों के अनुसार, तेल और गैस की कीमतों में करीब 4.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऊर्जा कीमतों में यह उछाल महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह माना जा रहा है।