कोलकाता में ममता बनर्जी की TMC विधायकों की बैठक में 80 में से सिर्फ 20 विधायक पहुंचे। बैठक टल गई। पार्टी ने कहा कि सभी विधायक प्रदर्शन और संगठनात्मक तैयारियों में व्यस्त थे।
कोलकाता में रविवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की एक अहम बैठक तब चर्चा में आ गई। जब बड़ी संख्या में विधायक इसमें शामिल नहीं हुए। 80 में से केवल 20 विधायक ही ममता बनर्जी के आवास पर पहुंचे। बैठक दोपहर 3 बजे कालीघाट स्थित आवास पर होनी थी, लेकिन उपस्थिति कम रहने के कारण इसे टालना पड़ा। पार्टी ने इसे आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की तैयारियों से जोड़ा है। इस घटनाक्रम ने बंगाल की सियासत में नई बहस को जन्म दे दिया है, खासकर हालिया घटनाओं और विरोध प्रदर्शनों के बीच।
कम उपस्थिति के बीच टली अहम बैठक
TMC की यह बैठक संगठनात्मक रणनीति और हालिया घटनाओं पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। लेकिन अधिकांश विधायकों की अनुपस्थिति के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। पार्टी प्रवक्ता का कहना है कि कई विधायक पहले से तय प्रदर्शन और कार्यक्रमों में व्यस्त थे, इसलिए वे बैठक में नहीं आ सके।
अभिषेक और कल्याण बनर्जी पर हमले के बाद प्रदर्शन की तैयारी
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि 1 जून को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर कथित हमलों के खिलाफ होगा।
इसके साथ ही 2 जून को कोलकाता में सांकेतिक धरने की भी योजना है, जिसमें पार्टी नेतृत्व खुद शामिल होगा।
लगातार घटनाओं से बढ़ी राजनीतिक हलचल
हाल के दिनों में बंगाल की राजनीति में लगातार घटनाएं सामने आई हैं। सांसद कल्याण बनर्जी पर हमले के आरोप लगे, वहीं अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट का मामला भी सामने आया। इन घटनाओं के बीच पार्टी के अंदर संगठनात्मक गतिविधियां और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
पहले भी दिखी थी संगठन में कमजोर उपस्थिति
यह पहला मौका नहीं है जब TMC की बैठकों में कम उपस्थिति देखने को मिली हो। इससे पहले भी पार्टी कार्यक्रमों और विरोध प्रदर्शनों में अपेक्षित संख्या नहीं पहुंची थी। हालांकि पार्टी नेतृत्व का दावा है कि सभी विधायक सक्रिय रूप से संगठनात्मक जिम्मेदारियों में लगे हुए हैं और यही कारण है कि बैठक में उपस्थिति कम रही।