पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले अति संवेदनशील बूथों पर सीआरपीएफ की तैनाती का आदेश जारी। खुफिया रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा बढ़ाई गई।
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पहले चरण के मतदान से पहले अति संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। खुफिया रिपोर्ट के आधार पर इन बूथों की जिम्मेदारी अब पूरी तरह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को सौंप दी गई है।
भारतीय निर्वाचन आयोग और खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर राज्य में ऐसे मतदान केंद्रों की पहचान की गई है, जहां हिंसा या मतदान प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में 152 विधानसभा क्षेत्रों में वोटिंग होनी है, जिसके मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
खुफिया इनपुट का आधार
रिपोर्ट के अनुसार, जिन बूथों को “अति संवेदनशील” श्रेणी में रखा गया है, वहां अब केवल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। यदि पहले से किसी अन्य बल या स्थानीय पुलिस की तैनाती के आदेश जारी हुए हैं, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से वापस लिया जा रहा है।
केंद्रीय बलों की संयुक्त रणनीति
राज्य के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 18 अप्रैल को वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन चिन्हित बूथों पर केवल CRPF ही तैनात रहेगी। इसमें एडीजी लीगल, स्टेट पुलिस नोडल अधिकारी, आईजी CRPF और सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, संवेदनशील बूथों की पहचान कई स्रोतों से प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर की गई है। पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान इनपुट का मिलान कर उन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जहां चुनाव के दौरान अशांति की आशंका है।
क्यों चुनी गई CRPF
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को देश के सबसे सक्षम अर्धसैनिक बलों में माना जाता है। कानून-व्यवस्था की जटिल स्थितियों से निपटने और निष्पक्ष माहौल में मतदान कराने में इसका अनुभव महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी वजह से इसे अति संवेदनशील बूथों की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य में CRPF के जवान लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं और मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, करीब 200 बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहनों की तैनाती भी की गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के शीर्ष अधिकारियों ने कोलकाता में बैठक कर रणनीति तैयार की है। सभी बल “वन इलेक्शन फोर्स” के रूप में मिलकर काम करेंगे।