तमिलनाडु में विजय की सरकार बहुमत से 5 सीट दूर अटकी। कांग्रेस के समर्थन के बावजूद शपथ टल सकती है। जानिए पूरा नंबर गेम और सियासी हलचल।
तमिलनाडु में नई सरकार का रास्ता आसान नहीं दिख रहा। TVK चीफ Vijay ने सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन बहुमत का आंकड़ा अभी भी दूर है। 7 मई को प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह अब टल सकता है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने साफ कर दिया है कि पर्याप्त समर्थन के बिना सरकार गठन संभव नहीं होगा।
यह पूरा मामला अब नंबर गेम और गठबंधन की राजनीति में उलझ गया है, जहां हर विधायक की भूमिका अहम हो गई है।
बहुमत से 5 सीट दूर, कहां अटका मामला
234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। TVK के पास 108 सीटें थीं, लेकिन विजय के दो सीटों से जीतने के कारण एक सीट खाली करनी होगी, जिससे संख्या 107 रह जाती है। कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद यह आंकड़ा 113 तक पहुंचा। इसके बावजूद बहुमत से अभी भी 5 सीटों की कमी बनी हुई है।
ANI के सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने 118 विधायकों के समर्थन का पत्र मांगा। जिसके बाद विजय ने अतिरिक्त समय की मांग की है।
AIADMK बना किंगमेकर?
अब नजर Edappadi K. Palaniswami पर टिकी है। उनकी पार्टी AIADMK के पास 47 सीटें हैं, जो सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, TVK इस कमी को पूरा करने के लिए AIADMK से संपर्क में है। अगर यह गठबंधन बनता है, तो तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो सकता है।
कांग्रेस के कदम से बदला खेल
कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बनकर उभरा है। तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष K. Selvaperunthagai और प्रभारी Girish Chodankar ने विजय से मुलाकात कर समर्थन को मजबूत संकेत दिया। इस फैसले ने पुराने गठबंधनों की दिशा बदल दी है और नई राजनीतिक लाइन खींच दी है।
DMK का हमला, ‘धोखा’ बताया फैसला
कांग्रेस के इस कदम से DMK खेमे में नाराजगी खुलकर सामने आई है। DMK नेता Saravanan Annadurai ने इसे ‘INDIA गठबंधन की पीठ में छुरा’ बताया। उन्होंने कांग्रेस पर दूरदर्शिता की कमी का आरोप लगाया और कहा कि इसका असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ेगा। यह बयान सिर्फ नाराजगी नहीं, बल्कि आने वाले सियासी टकराव का संकेत भी माना जा रहा है।
शपथ पर सस्पेंस, नई राजनीति की शुरुआत
सरकार गठन को लेकर अब पूरा फोकस बाकी सीटों के इंतजाम पर है। जब तक 118 का आंकड़ा पूरा नहीं होता, शपथ ग्रहण टलता रहेगा। विजय की एंट्री ने तमिलनाडु की राजनीति में नया दौर शुरू कर दिया है। दशकों पुराने समीकरण टूट रहे हैं और नए गठबंधन बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ रहे हैं।