पुणे के चर्चित केतन मर्डर केस में पुलिस ने लोहगढ़ किले पर सीन रीक्रिएट कर जांच को नई दिशा दी है। गूगल सर्च हिस्ट्री, फोरेंसिक जांच और परिवार के बयानों के बीच अब कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है। रविवार सुबह पुलिस दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची, जहां कथित वारदात का पूरा घटनाक्रम दोबारा दोहराया गया। जांच टीम ने केतन के बराबर वजन वाली डमी का इस्तेमाल कर यह समझने की कोशिश की कि घटना आखिर कैसे हुई।
जांच एजेंसियों का मानना है कि सीन रीक्रिएशन से कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य सबूतों की पुष्टि हो सकती है। इसी बीच डिजिटल सबूतों और आरोपियों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर भी ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने केस को और गंभीर बना दिया है।
सीन रीक्रिएशन से जांच को नई दिशा
पुलिस टीम सुबह करीब साढ़े छह बजे आरोपियों को लेकर लोहगढ़ किले पहुंची और करीब ढाई घंटे तक घटनास्थल पर जांच करती रही। डीएसपी गजानन टोंपे के मुताबिक, सिया गोयल के बताए क्रम के अनुसार पूरे घटनाक्रम को दोहराया गया। इसके लिए केतन के समान वजन की डमी तैयार की गई, ताकि घटना की परिस्थितियों का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया जा सके। इस प्रक्रिया से पुलिस घटनास्थल पर मिले अन्य साक्ष्यों का भी मिलान कर रही है।
गूगल सर्च हिस्ट्री बनी अहम कड़ी
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की इंटरनेट गतिविधियों से भी अहम जानकारी मिली है। अधिकारियों के अनुसार दोनों ने कथित तौर पर लोहगढ़ किले के डेथ पॉइंट, वहां तक पहुंचने के रास्ते, खाई की जानकारी और ऐसे विषयों से जुड़े कई सर्च किए थे। पुलिस का दावा है कि दोनों ने यह भी खोजा कि जहर देकर हत्या कैसे की जाए ताकि शक न हो, पूछताछ के दौरान क्या जवाब देने चाहिए और कौन से वॉट्सएप मैसेज हटाने चाहिए। इन तथ्यों की डिजिटल जांच जारी है।
फोरेंसिक जांच पर टिकी जांच की अगली कड़ी
पुलिस ने बताया कि घटना वाले दिन चेतन चौधरी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपना मोबाइल एक दुकान पर छोड़ दिया था और दूसरे मोबाइल का इस्तेमाल किया। दोनों आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किए गए चैट और डेटा को रिकवर करने के लिए उन्हें फोरेंसिक लैब भेजा गया है। इसके अलावा चेतन की बाइक, हुडी, हेडफोन और अन्य सामान भी जब्त कर वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इलेक्ट्रॉनिक सबूत केस की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
परिवार के बयान और नए वीडियो ने बढ़ाए सवाल
जांच के बीच सिया और चेतन का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखते नजर आ रहे हैं। हालांकि यह वीडियो कब रिकॉर्ड हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीं पूछताछ में सिया के भाई ने बताया कि दोनों की मुलाकात क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। दूसरी ओर केतन के परिवार का कहना है कि घटना वाले दिन से ही उन्हें सिया के व्यवहार पर संदेह था। परिवार का दावा है कि घटनास्थल और बाद की परिस्थितियों में उसके हावभाव सामान्य नहीं थे, जिसके बाद उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखकर पुलिस से संपर्क किया।
परिजनों ने मांगी कड़ी सजा
पिंपरी-चिंचवाड़ में केतन अग्रवाल को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनका बेटा बिना किसी गलती के अपनी जान गंवा बैठा और दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उनकी मां राखी अग्रवाल ने भी आरोपियों के खिलाफ सबसे कठोर कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर सिया के माता-पिता का कहना है कि यदि उनकी बेटी दोषी साबित होती है तो उसे भी कानून के तहत सबसे सख्त सजा मिलनी चाहिए।
जांच में अब तक सामने आए अहम दावे
पुलिस के अनुसार सिया और चेतन ने हत्या से पहले और बाद में चैट हिस्ट्री तथा रीसायकल बिन तक खाली कर दिया था। कॉल रिकॉर्ड की जांच में सिया और चेतन के बीच लंबी बातचीत का भी दावा किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सिया ने केतन के साथ अपने रिश्ते को लेकर कुछ व्यक्तिगत कारणों का भी जिक्र किया है। वहीं जांच एजेंसी उस कथित घटनाक्रम की भी पड़ताल कर रही है, जिसमें 31 मई को हत्या की योजना बनने, 14 जून को पहली कोशिश और 18 जून को वारदात को अंजाम दिए जाने का दावा किया गया है। इन सभी बिंदुओं की पुष्टि जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।