पेट्रोल-डीजल के दाम मई में चौथी बार बढ़े। दिल्ली में पेट्रोल 102 रुपए के पार पहुंचा। ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मई महीने में चौथी बार बढ़ोतरी हुई है। सरकारी तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपए और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपए और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ईरान-अमेरिका तनाव को इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहे तो आने वाले दिनों में ईंधन के दाम और बढ़ सकते हैं।
चारों महानगरों में क्या हुए नए दाम
पेट्रोल के नए रेट
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दिल्ली: 102.12 रुपए (+2.61)
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मुंबई: 111.21 रुपए (+2.72)
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कोलकाता: 113.51 रुपए (+2.87)
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चेन्नई: 107.77 रुपए (+2.46)
डीजल के नए रेट
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Delhi: 95.20 रुपए (+2.71)
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मुंबई: 97.83 रुपए (+2.81)
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कोलकाता: 99.82 रुपए (+2.80)
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चेन्नई: 99.55 रुपए (+2.57)
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर
ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से फल, सब्जियां, राशन और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं।
क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
तेल कंपनियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गया।भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी भी तेजी का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है।
तेल कंपनियों को हो रहा था भारी नुकसान
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी बिक्री पर हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपए तक का नुकसान हो रहा था।सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया था।
पीएम मोदी ने ईंधन बचाने की अपील की थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पश्चिम एशिया के हालात का जिक्र करते हुए लोगों से पेट्रोल और डीजल का संयम से इस्तेमाल करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि भारत के पास तेल के बड़े भंडार नहीं हैं, इसलिए ऊर्जा बचत पर ध्यान देना जरूरी है।