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15 Lakh Medical Stores Shut Across India

देशभर में 15 लाख मेडिकल स्टोर बंद, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल

ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में देशभर में 15 लाख मेडिकल स्टोर बंद रहे। एमपी, यूपी, बिहार और चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में मरीजों और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।


देशभर में 15 लाख मेडिकल स्टोर बंद ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल

AI इमेज |

देशभर में बुधवार को 15 लाख से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहे। All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) ने अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और बड़ी कंपनियों के बढ़ते दबाव के विरोध में यह राष्ट्रव्यापी बंद बुलाया था। इसका असर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, बिहार, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में देखने को मिला।

बंद के कारण कई जगह मरीजों और आम लोगों को दवाएं लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर खुले रहे और इमरजेंसी दवाओं की सप्लाई जारी रखी गई।

ऑनलाइन दवा बिक्री पर उठे सवाल

AIOCD के अध्यक्ष जगन्नाथ शिंदे ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन दवा सप्लाई के लिए जो छूट दी गई थी, उसका अब गलत इस्तेमाल हो रहा है। संगठन ने मांग की है कि सरकार इस छूट को वापस ले और ई-फार्मेसी के लिए सख्त नियम लागू करे।संगठन का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नकली या गलत प्रिस्क्रिप्शन के जरिए दवाइयों की बिक्री हो रही है, जिससे लोगों की सेहत पर खतरा बढ़ सकता है। साथ ही छोटे मेडिकल स्टोर 20% से 50% तक डिस्काउंट देने वाली बड़ी ऑनलाइन कंपनियों से मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं।

इन नियमों को वापस लेने की मांग

दवा विक्रेता संगठन ने सरकार के दो नियम GSR 220(E) और GSR 817(E) को विवाद की जड़ बताया है। संगठन का आरोप है कि इन नियमों की कमियों का फायदा उठाकर ई-फार्मा कंपनियां तेजी से कारोबार बढ़ा रही हैं।दुकानदारों की मांग है कि ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए अलग और कड़े नियम बनाए जाएं ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

कई राज्यों में दिखा बंद का असर

राजस्थान के चित्तौड़गढ़, पंजाब के लुधियाना और दिल्ली समेत कई शहरों में मेडिकल मार्केट बंद दिखाई दिए। दिल्ली में करीब 15 से 20 हजार रजिस्टर्ड मेडिकल स्टोर बंद रहे। लुधियाना में लोग दवाओं के लिए भटकते नजर आए।मध्य प्रदेश में भोपाल सहित कई शहरों में मेडिकल स्टोर बंद रहे। भोपाल में 3 हजार से ज्यादा दवा दुकानों ने बंद का समर्थन किया। वहीं छत्तीसगढ़ में करीब 18 हजार मेडिकल स्टोर बंद रहने की जानकारी सामने आई है।

सरकार बोली- दवाओं की किल्लत नहीं होगी

सरकार ने दावा किया है कि इस बंद से दवाओं की कोई बड़ी कमी नहीं होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम बंगाल, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश समेत करीब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ दवा विक्रेता संगठनों ने इस बंद से दूरी बनाई है।सरकार और ड्रग रेगुलेटर ने दवा विक्रेताओं की मांगों पर बातचीत शुरू कर दी है। हाल ही में AIOCD प्रतिनिधियों ने केंद्रीय ड्रग रेगुलेटर से मुलाकात कर ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर चिंता जताई थी।

कोविड के दौरान मिली थी ऑनलाइन बिक्री को छूट

कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने लॉकडाउन में लोगों तक दवाइयां पहुंचाने के लिए ई-फार्मा कंपनियों को कई राहतें दी थीं। डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन के जरिए दवा बिक्री और घर-घर डिलीवरी की अनुमति दी गई थी। अब दवा विक्रेता संगठन का कहना है कि महामारी खत्म होने के बाद भी इन छूटों का फायदा उठाकर ऑनलाइन कंपनियां नियमों से बाहर कारोबार कर रही हैं।

 

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