कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद उनके बेटे को डिप्टी CM बनाने की मांग की खबर ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया के बीच अब नई राजनीतिक चर्चाएं और दावेदारी सामने आने लगी हैं। सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, सिद्धारमैया ने कांग्रेस आलाकमान के सामने अपने बेटे और MLC यतींद्र सिद्धारमैया को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग रखी है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है।
इस्तीफे के बाद कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया लगभग तय मानी जा रही है। वहीं, डी के शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। जानकारी अनुसार वह अगले सप्ताह में शपथ ले सकते हैं।
कांग्रेस हाईकमान के सामने नई मांगों ने बढ़ाई हलचल
दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ लगातार बैठकों का दौर जारी है। इसी बीच यह जानकारी सामने आई कि सिद्धारमैया ने अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य को लेकर यह मांग रखी है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि केजे जॉर्ज और जी परमेश्वर जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए, क्योंकि दोनों नेताओं ने KPCC अध्यक्ष पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। इन्हीं चर्चाओं के बीच दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार बैठकों ने सियासी समीकरण और भी जटिल कर दिए हैं।
शिवकुमार को लेकर भावुक संदेश
इस पूरे घटनाक्रम के बीच उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर सिद्धारमैया को लेकर एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने सिद्धारमैया के राजनीतिक सफर और संघर्ष को याद करते हुए उन्हें मजबूत नेतृत्व का प्रतीक बताया। शिवकुमार का यह संदेश ऐसे समय आया है जब राज्य में सत्ता हस्तांतरण को लेकर अंतिम निर्णय लगभग तय माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस के भीतर संतुलन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर भी देख रहे हैं।
इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया का रुख
गुरुवार को सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप दिया था। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान के निर्देश पर यह फैसला लिया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें राज्यसभा जाने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी प्राथमिकता कर्नाटक की राजनीति और अपने विधानसभा क्षेत्र का विकास है। उन्होंने यह भी दोहराया कि जनता ने उन्हें कार्यकाल के लिए चुना है और वे राज्य की राजनीति में सक्रिय रहेंगे।
कर्नाटक की राजनीति में आगे की तस्वीर
अब कर्नाटक में नई सरकार गठन और नेतृत्व बदलाव लगभग अंतिम चरण में माना जा रहा है। डी के शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना मजबूत है, जबकि कांग्रेस नेतृत्व अंतिम रणनीति को लेकर लगातार मंथन कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में एक नया समीकरण खड़ा कर दिया है, जहां नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ भविष्य की सियासी दिशा भी तय होती नजर आ रही है।