पश्चिम बंगाल के चंडीतला थाने के बाहर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने हमले और सिर में चोट लगने का आरोप लगाया है। वहीं BJP ने दावे को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक ड्रामा बताया है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर टकराव सड़क पर दिखाई दिया। हुगली जिले के चंडीतला पुलिस स्टेशन के बाहर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच तनाव उस समय बढ़ गया जब टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने खुद पर हमले का आरोप लगाया। कल्याण बनर्जी का दावा है कि ज्ञापन सौंपने के लिए जाते समय उन्हें निशाना बनाया गया और सिर पर किसी वस्तु के लगने से चोट आई। घटना के बाद उन्होंने प्रशासन और विरोधी दल पर गंभीर सवाल उठाए। दूसरी ओर भाजपा ने पूरे मामले को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि सांसद को कोई चोट नहीं लगी और यह केवल राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने की कोशिश है।
ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान बिगड़ा माहौल
जानकारी के अनुसार, कल्याण बनर्जी चंडीतला थाने में एक ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। यह कार्यक्रम अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले और इस मामले में गिरफ्तार तृणमूल नेताओं व कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग से जुड़ा हुआ था। ज्ञापन सौंपने से पहले ही थाने के बाहर दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। आरोप-प्रत्यारोप और नारेबाजी के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण होता चला गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई थी।
नारेबाजी से बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ताओं ने तृणमूल समर्थकों के खिलाफ नारे लगाए। इसके जवाब में टीएमसी समर्थकों ने भी विरोध दर्ज कराया। कुछ ही देर में राजनीतिक प्रदर्शन टकराव के माहौल में बदल गया। इसी दौरान कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि भीड़ में मौजूद किसी व्यक्ति ने उन पर पत्थर या गेंद जैसी कोई वस्तु फेंकी, जो उनके सिर पर लगी। घटना के बाद वह सिर पर भीगा हुआ रूमाल रखे दिखाई दिए।
कल्याण बनर्जी ने क्या कहा
टीएमसी सांसद ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उन पर हमला किया गया। उनका आरोप है कि विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक जीवन में इस तरह की घटनाएं स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उनके बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने भी घटना की निंदा की।
भाजपा ने दावे पर उठाए सवाल
भाजपा ने पूरे घटनाक्रम को अलग नजरिए से पेश किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कल्याण बनर्जी को किसी तरह की गंभीर चोट नहीं लगी है और घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। भाजपा का आरोप है कि यह विवाद अभिषेक बनर्जी से जुड़े मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। पार्टी ने टीएमसी के आरोपों को राजनीतिक नाटक बताते हुए जांच की मांग की है।
बंगाल की राजनीति में फिर बढ़ी तल्खी
चंडीतला की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पहले से ही तेज हैं। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव कई बार सड़कों तक पहुंच चुका है और दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप लगाते रहे हैं। अब इस मामले ने भी नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। एक पक्ष इसे विपक्षी कार्यकर्ताओं की आक्रामकता बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे राजनीतिक सहानुभूति बटोरने का प्रयास कह रहा है। ऐसे में घटना की वास्तविक तस्वीर और जिम्मेदारी को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।