जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में गोंडोला रोपवे अचानक रुकने से करीब 300 पर्यटक हवा में फंस गए। सेना, SDRF और NDRF की टीमें खराब मौसम के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सोमवार को एक घटना के चलते अफरा-तफरी मच गई। यहां के गोंडोला रोपवे अचानक बीच हवा में रुक गया। तकनीकी खराबी के कारण करीब 300 पर्यटक केबिनों में फंस गए। अंदर फंसे पर्यटक घबरा गए और मदद के लिए आवाजें लगाने लगे। घटना का पता चलते ही प्रशासन एक्शन में आया। उन्होंने तुरंत सेना, पुलिस, SDRF और NDRF की टीमों को मौके पर भेजकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। खराब मौसम और लगातार बारिश के बीच राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि सभी केबिन सुरक्षित हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
खराब मौसम ने बढ़ाई रेस्क्यू की मुश्किल
गुलमर्ग में पिछले कुछ दिनों से बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इसी वजह से बचाव अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। तेज हवा और खराब विजिबिलिटी के बीच रेस्क्यू टीमों को हर केबिन तक पहुंचने में समय लग रहा है। टीमें सीढ़ियों और विशेष उपकरणों की मदद से पर्यटकों को बाहर निकाल रही हैं। कई घंटों की मशक्कत के बाद ज्यादातर लोगों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है।
सरकार बोली- घबराने की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने पर्यटकों और उनके परिवारों से घबराने की अपील नहीं करने को कहा। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि तकनीकी खराबी के चलते गोंडोला सेवा अस्थायी रूप से बंद की गई है। सभी केबिन सुरक्षित हैं और प्रशिक्षित टीमें लगातार बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।
तकनीकी टीम ने सिस्टम को बताया सुरक्षित
रोपवे की तकनीकी टीम के मुताबिक केबल सिस्टम पूरी तरह मजबूत है और किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं है। एहतियात के तौर पर केबल को चलाने वाले मोटर्स को रोक दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह तकनीकी खराबी का मामला लग रहा है। फिलहाल सिस्टम की पूरी जांच की जा रही है ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।
डीजीपी भी पहुंचे, हाई अलर्ट पर प्रशासन
घटना की गंभीरता को देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात भी गुलमर्ग के लिए रवाना हो गए। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। पर्यटन सीजन के बीच हुई इस घटना ने सुरक्षा और तकनीकी निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन की कोशिश है कि सभी पर्यटकों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जाए और रोपवे सेवा की तकनीकी जांच पूरी की जाए।