गुजरात के कच्छ में मुंद्रा पोर्ट के पास 118 किलो कोकीन जब्त की गई है। ATS और कोस्ट गार्ड के संयुक्त ऑपरेशन में तीन विदेशी गिरफ्तार हुए हैं। ड्रग्स की खेप ब्राजील से भारत लाई गई थी।
गुजरात के कच्छ में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मुंद्रा पोर्ट के पास संयुक्त ऑपरेशन में करीब 1180 करोड़ रुपए कीमत की 118 किलो कोकीन जब्त की गई है। इस कार्रवाई में अब तक तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी समुद्र में कूदकर फरार हो गया। गुजरात ATS और इंडियन कोस्ट गार्ड की इस कार्रवाई को हाल के महीनों की सबसे बड़ी ड्रग्स जब्ती में माना जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह खेप ब्राजील से भारत लाई गई थी और इसे दिल्ली तक पहुंचाने की तैयारी थी।
समुद्र में फेंके जा रहे थे संदिग्ध बैग
गुजरात के DGP डॉ. केएलएन राव के मुताबिक, खुफिया सूचना मिलने के बाद मुंद्रा तट के पास संयुक्त निगरानी अभियान चलाया गया था। इसी दौरान एक कंटेनर जहाज संदिग्ध हालत में भारतीय समुद्री सीमा के भीतर पाया गया। ATS अधिकारियों ने बताया कि जहाज मुंद्रा तट से करीब 5 नॉटिकल मील दूर लंगर डाले खड़ा था। कई घंटों की निगरानी के दौरान देखा गया कि जहाज से कुछ बैग समुद्र में फेंके जा रहे हैं। इसके बाद कोस्ट गार्ड और ATS की टीम ने तुरंत जहाज को घेर लिया। तलाशी में भारी मात्रा में कोकीन बरामद हुई। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह ड्रग्स अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है।
ब्राजील से शुरू हुआ था सफर
जांच में पता चला है कि जहाज ब्राजील से रवाना हुआ था और कई लैटिन अमेरिकी देशों, मेक्सिको, अमेरिका और कराची होते हुए गुजरात पहुंचा। गिरफ्तार आरोपियों में क्लैविन चुकवुमा और ब्यारुहांगा जेम्स शामिल हैं। दोनों विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। वहीं जुम्मा नासिर उमर नाम का आरोपी भी पकड़ा गया है, जो मूल रूप से नाइजीरिया का रहने वाला है। हालांकि ऑपरेशन के दौरान एक आरोपी समुद्र में छलांग लगाकर फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि भारत में यह खेप किस नेटवर्क तक पहुंचने वाली थी।
दिल्ली तक पहुंचाने की थी तैयारी
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया है कि कोकीन की यह खेप दिल्ली के द्वारका इलाके में रहने वाले दो लोगों तक पहुंचाई जानी थी। यही वजह है कि अब जांच का दायरा गुजरात से बाहर भी बढ़ सकता है।
दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में गुजरात का समुद्री तट अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करों के लिए बड़ा रूट बनकर उभरा है। खासकर मुंद्रा और पोरबंदर तट पर कई बड़े ऑपरेशन सामने आ चुके हैं। फिलहाल ATS और केंद्रीय एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और देश के किन शहरों तक इसकी सप्लाई होनी थी।
पहले भी पकड़ी जा चुकी है बड़ी खेप
इससे पहले अप्रैल 2025 में पोरबंदर तट से करीब 1800 करोड़ रुपए कीमत की 300 किलो ड्रग्स पकड़ी गई थी। उस ऑपरेशन में भी गुजरात ATS और कोस्ट गार्ड ने संयुक्त कार्रवाई की थी।