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Falata Repoll Voting Surge

फालता में रिपोलिंग ने बदल दिया माहौल, TMC उम्मीदवार गायब रहे और बढ़ गया मतदान

पश्चिम बंगाल की फालता सीट पर रिपोलिंग में रिकॉर्ड मतदान हुआ, जबकि TMC उम्मीदवार जहांगीर खान पूरे दिन गायब रहे। EVM विवाद के बाद अब 24 मई को आएंगे नतीजे।


फालता में रिपोलिंग ने बदल दिया माहौल tmc उम्मीदवार गायब रहे और बढ़ गया मतदान

Falta Repolling |

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर हुई रिपोलिंग ने चुनावी माहौल पूरी तरह बदल दिया। गुरुवार को यहां भारी मतदान दर्ज हुआ, जबकि सबसे ज्यादा चर्चा TMC उम्मीदवार जहांगीर खान की गैरमौजूदगी को लेकर रही। मतदान वाले दिन जहांगीर खान न तो किसी बूथ पर दिखाई दिए और न ही उनके घर या पार्टी कार्यालय में कोई मौजूद मिला। दोनों जगह ताला लटका मिला, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गईं।

इस सीट पर दोबारा मतदान EVM विवाद और कथित छेड़छाड़ के आरोपों के बाद कराया गया। अब सबकी नजर 24 मई को आने वाले नतीजों पर टिक गई है।

रिपोलिंग में बढ़ा मतदान

चुनाव आयोग के मुताबिक फालता सीट पर रात 8 बजे तक 87.90% मतदान दर्ज किया गया। यह पिछले मतदान से करीब 1% ज्यादा रहा। 29 अप्रैल को यहां 86.71% वोटिंग हुई थी, लेकिन उस दौरान कई बूथों पर गड़बड़ी और तनाव की शिकायतें सामने आई थीं। इस बार सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें दिखाई दीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोबारा मतदान ने कई मतदाताओं को खुलकर वोट डालने का मौका दिया, जो पहले खुद को असहज महसूस कर रहे थे।

जहांगीर खान की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई हलचल

फालता की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा TMC उम्मीदवार जहांगीर Khan को लेकर रही। उन्होंने कुछ दिन पहले मौखिक रूप से चुनाव न लड़ने की बात कही थी, लेकिन आधिकारिक तौर पर नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसी वजह से EVM में उनका नाम और चुनाव चिन्ह मौजूद रहा। हालांकि मतदान के दिन उनका कोई सार्वजनिक कार्यक्रम सामने नहीं आया। उनके घर और पार्टी कार्यालय पर ताला मिलने के बाद विपक्ष ने इसे चुनावी दबाव और राजनीतिक संकट से जोड़कर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

EVM विवाद के बाद हुआ रिपोल

फालता सीट पर 29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद EVM में कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। आरोप लगा कि कुछ बूथों पर भाजपा के बटन पर टेप चिपकाया गया था। जांच के दौरान चुनाव अधिकारियों ने कई बूथों का निरीक्षण किया। रिपोर्ट में दर्जनों बूथों पर गड़बड़ी के संकेत मिलने की बात सामने आई। इसके अलावा वेब कैमरों की फुटेज के साथ छेड़छाड़ की कोशिशों की शिकायत ने भी मामला गंभीर बना दिया। इसके बाद चुनाव आयोग ने रिपोलिंग का फैसला लिया।

फालता सीट पर BJP की नजर

फालता सीट लंबे समय तक वामपंथ का मजबूत इलाका मानी जाती रही, लेकिन पिछले तीन चुनावों से यहां TMC का कब्जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि भाजपा अब तक इस सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी। हालांकि साउथ 24 परगना जिले में पिछले चुनावों में भाजपा ने कई नई सीटों पर जीत हासिल कर अपनी मौजूदगी मजबूत की थी। ऐसे में फालता का नतीजा सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह परिणाम जिले में बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी दे सकता है।

छह उम्मीदवार मैदान में

फालता सीट पर इस बार कुल छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, लेकिन असली मुकाबला भाजपा और TMC के बीच माना जा रहा है। जहांगीर खान के पीछे हटने की घोषणा के बाद समीकरण अचानक बदल गए। इससे विपक्ष को आक्रामक प्रचार का मौका मिला, जबकि TMC रक्षात्मक स्थिति में नजर आई। अब रिपोलिंग के बाद बढ़ा मतदान किसके पक्ष में जाएगा। इसका फैसला 24 मई को आने वाले नतीजे करेंगे।

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