बीजेपी ने अपनी नई टीम में युवा, महिला, SC, OBC, किसान, ST और अल्पसंख्यक मोर्चों के प्रभारियों की नियुक्ति की है, जिसमें हरीश द्विवेदी और सतीश पूनिया प्रमुख हैं।
नई दिल्ली। बीजेपी ने संगठन को चुनावी मोड में लाने की अपनी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के ऐलान के बाद अब अलग-अलग मोर्चों के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। नई नियुक्तियों में अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी जगह दी गई है।बीजेपी ने युवा, महिला, SC, OBC, किसान, ST और अल्पसंख्यक मोर्चों के लिए अलग-अलग नेताओं को प्रभारी बनाया है। सबसे अहम नियुक्तियों में हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा और सतीश पूनिया को ST मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है।
किस नेता को कौन सा मोर्चा?
बीजेपी की ओर से जारी नई जिम्मेदारियों के मुताबिक:
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युवा मोर्चा: हरीश द्विवेदी
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महिला मोर्चा: डी. पुरंदेश्वरी
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SC मोर्चा: संजय भाटिया
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OBC मोर्चा: वैजयंत पांडा
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किसान मोर्चा: लाल सिंह आर्या
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ST मोर्चा: सतीश पूनिया
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अल्पसंख्यक मोर्चा: गजेंद्र पटेल
यानी पार्टी ने अब अपने प्रमुख सामाजिक और संगठनात्मक मोर्चों की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट कर दी हैं।
पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष, अब प्रभारियों की टीम
दरअसल, बीजेपी ने इससे पहले अलग-अलग मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्षों के नामों का ऐलान किया था। युवा मोर्चा की कमान गुजरात के लोकसभा सांसद डॉ. हेमांग जोशी को दी गई है। वहीं महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष छत्तीसगढ़ की वरिष्ठ नेता रूप कुमारी चौधरी बनाई गई हैं।किसान मोर्चे की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद बंसीलाल गुर्जर को मिली है। OBC मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य, SC मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवेश कुमार राम, ST मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष मन्नालाल रावत और अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित अली बनाए गए हैं।अब इन मोर्चों के प्रभारियों की नियुक्ति के साथ संगठनात्मक ढांचे को और स्पष्ट कर दिया गया है।
स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी
बीजेपी की नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की भी संगठन में वापसी हुई है। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।इसके अलावा विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महासचिव के साथ उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। सुनील बंसल राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी में बने हुए हैं।बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव संगठन के पद पर बरकरार हैं। तरुण चुघ को केंद्रीय कार्यालय का प्रभारी बनाया गया है। संदीप पाठक को राष्ट्रीय सचिव और संबित पात्रा को नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी दी गई है।
चुनावी तैयारी को लेकर क्या है BJP का फोकस?
बीजेपी की नई टीम में संगठन और चुनावी मैनेजमेंट पर खास जोर दिखाई दे रहा है। पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच पहुंच बढ़ाने पर है।इसके साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन को भी संगठन की चुनावी रणनीति में अहम भूमिका दी जा रही है।आगामी चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों पर भी पार्टी का खास फोकस है। ऐसे में मोर्चों के प्रभारियों की यह नई टीम आने वाले दिनों में बीजेपी की जमीनी और चुनावी रणनीति को लागू करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
कुल मिलाकर, राष्ट्रीय टीम के बाद अब मोर्चों की जिम्मेदारियां भी तय होने से बीजेपी का संगठनात्मक सेटअप और स्पष्ट हो गया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई टीम को पार्टी किस तरह जमीनी स्तर पर सक्रिय करती है और आने वाले चुनावों में इसका असर किस रूप में दिखाई देता है।