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Sensex Falls 961 Points, Nifty Slides

सेंसेक्स 961 अंक लुढ़का, निफ्टी 25,179 पर बंद, रियल्टी और ऑटो शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव

सेंसेक्स 961 अंक गिरकर 81,287 पर बंद हुआ, निफ्टी 25,179 पर आया। रियल्टी और ऑटो शेयरों में बिकवाली, पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर बाजार पर दिखा।


सेंसेक्स 961 अंक लुढ़का निफ्टी 25179 पर बंद  रियल्टी और ऑटो शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव

मुंबई। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार ने निवेशकों का मूड बिगाड़ दिया। सुबह से जो दबाव दिख रहा था, वो अंत तक कायम रहा और आखिर में सेंसेक्स 961 अंकों की तेज गिरावट के साथ 81,287 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 318 अंक टूटकर 25,179 पर आ गया। रियल्टी और ऑटो शेयरों में जिस तरह बिकवाली हुई, उसने छोटे निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

रियल्टी और ऑटो शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव

सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयर लाल निशान में बंद हुए। सिर्फ 4 में मामूली बढ़त रही। रियल्टी सेक्टर में लगातार मुनाफावसूली देखने को मिली, वहीं ऑटो कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों ने हाथ खींचे। ट्रेडिंग फ्लोर पर ब्रोकरों का कहना था कि ग्लोबल संकेत कमजोर हैं, ऐसे में लोग जोखिम कम करना चाहते हैं। छोटे निवेशकों के पोर्टफोलियो में आज हलचल दिखी।

मार्केट में गिरावट की दो बड़ी वजह

1. पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ता तनाव 

Pakistan और Afghanistan के बीच हालिया संघर्ष ने क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ा दी है। तालिबान की जवाबी कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस बीच China ने भी चिंता जताई है और मध्यस्थता की पेशकश की है। लेकिन जब तक हालात शांत नहीं होते, निवेशकों का भरोसा पूरी तरह लौटेगा, ऐसा कहना मुश्किल है। बाजार को अनिश्चितता बिल्कुल पसंद नहीं होती, और फिलहाल यही सबसे बड़ा फैक्टर दिख रहा है।

2. मिडिल ईस्ट संकट और कच्चे तेल की चिंता

Iran और United States के बीच बातचीत बिगड़ने की आशंका ने ग्लोबल मार्केट को सतर्क कर दिया है। ब्रेंट क्रूड करीब 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। अगर तनाव बढ़ता है तो तेल और महंगा हो सकता है। भारत जैसे आयातक देश के लिए ये सीधा महंगाई का खतरा है, और महंगाई बढ़े तो बाजार दबाव में आता ही है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार

एशिया से संकेत पूरी तरह नकारात्मक नहीं थे, लेकिन उत्साह भी नहीं दिखा। Nikkei 225 0.16% चढ़कर 58,850 पर बंद हुआ। KOSPI 1.00% गिरकर 6,244 पर आ गया। Hang Seng Index 0.95% की बढ़त के साथ 26,630 पर बंद हुआ। Shanghai Composite Index 0.39% चढ़कर 4,162 पर बंद हुआ।  

अमेरिकी बाजार भी रहा मिला-जुला

26 फरवरी को अमेरिका में भी उतार-चढ़ाव रहा। Dow Jones Industrial Average 17 अंक की मामूली बढ़त के साथ 49,499 पर बंद हुआ। Nasdaq Composite 1.18% गिरकर 22,878 पर बंद हुआ। S&P 500 37 अंक गिरकर 6,908 पर आ गया। टेक शेयरों में दबाव का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

विदेशी निवेशकों की चाल

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 26 फरवरी को 3,466 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,031 करोड़ रुपए की खरीदारी की। फरवरी में अब तक FIIs ने 895 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की है। दूसरी ओर DIIs ने 26,130 करोड़ रुपए डाले हैं। जनवरी 2026 में FIIs ने ₹41,435 करोड़ के शेयर बेचे थे, जबकि DIIs ने ₹69,220 करोड़ की खरीदारी की थी। स्पष्ट है कि घरेलू निवेशक अभी भी बाजार को सहारा दे रहे हैं, लेकिन विदेशी निवेशकों की चाल पर नजर बनी हुई है। 

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