देश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरों के बीच इंडियन ऑयल ने बड़ा बयान जारी किया है। कंपनी ने साफ किया कि ईंधन की कोई राष्ट्रीय कमी नहीं है। जानिए आखिर अचानक मांग क्यों बढ़ी।
देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों और ईंधन की कमी जैसी खबरों के बीच इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने बड़ा बयान जारी किया है। कंपनी ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई व्यापक कमी नहीं है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
हालांकि कुछ शहरों और इलाकों में सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आईं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई। ऐसे में कई जगह लोगों ने एहतियात के तौर पर ज्यादा ईंधन भरवाना शुरू कर दिया। यही वजह है कि अचानक मांग बढ़ती नजर आई। फिलहाल इंडियन ऑयल ने लोगों से घबराकर खरीदारी नहीं करने की अपील की है।
आखिर क्यों बढ़ गई पेट्रोल-डीजल की मांग?
इंडियन ऑयल के मुताबिक मौजूदा समय में कटाई का मौसम चल रहा है, जिसके कारण डीजल की खपत सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई है। खेती और परिवहन से जुड़े कामों में डीजल की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। दरअसल, निजी पेट्रोल पंपों पर कीमतें कुछ जगहों पर ज्यादा होने की वजह से ग्राहक सरकारी पंपों की तरफ शिफ्ट हुए हैं। यही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से थोक ईंधन महंगा होने के कारण संस्थागत खरीदार भी सरकारी तेल कंपनियों के पंपों से खरीदारी कर रहे हैं।
कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक 1 मई से 22 मई के बीच पेट्रोल की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं डीजल की बिक्री करीब 18 फीसदी बढ़ी है। यही सवाल अब उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ मौसमी दबाव है या आगे और असर देखने को मिल सकता है।
क्या सच में कहीं ईंधन खत्म हो रहा है?
इंडियन ऑयल ने कहा है कि देशभर में उसके 42 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंपों का नेटवर्क सक्रिय है और केवल कुछ चुनिंदा जगहों पर अस्थायी दिक्कतें आई हैं। कंपनी का दावा है कि यह स्थिति “अत्यधिक स्थानीय” है और जल्द सामान्य हो जाएगी। हालांकि कई राज्यों से लंबी कतारों की तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में असमंजस जरूर बढ़ा। सोशल मीडिया पर भी पेट्रोल-डीजल संकट को लेकर चर्चा तेज हो गई। ऐसे में तेल कंपनियों को सफाई देनी पड़ी।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
अगर मांग इसी तरह तेजी से बढ़ती रही तो कुछ इलाकों में अस्थायी दबाव और बढ़ सकता है। हालांकि फिलहाल सरकार और तेल कंपनियों की तरफ से किसी बड़े संकट के संकेत नहीं दिए गए हैं।
इंडियन ऑयल का कहना है कि पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और सप्लाई को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे में विशेषज्ञ मानते हैं कि अफवाहों और पैनिक बाइंग से हालात ज्यादा बिगड़ सकते हैं। इसलिए जरूरत के मुताबिक ही ईंधन खरीदना फिलहाल सबसे बेहतर विकल्प माना जा रहा है।