सोना-चांदी में आज बड़ी गिरावट दर्ज हुई जबकि शेयर बाजार ने दिन के आखिरी घंटे में जोरदार वापसी की। रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से निवेशकों की चिंता अभी भी बनी हुई है।
देश के निवेश बाजार में बुधवार का दिन भारी उतार-चढ़ाव वाला रहा। एक तरफ सोना और चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। वहीं, शेयर बाजार शुरुआती दबाव से निकलकर बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी ने निवेशकों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं होने दी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के मुताबिक 24 कैरेट सोना 1,116 रुपये टूटकर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी 3,761 रुपये सस्ती होकर 2.65 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गई।
दिलचस्प बात यह है कि जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाले दोनों कीमती धातु अब तेजी से नीचे फिसल रहे हैं। दूसरी तरफ शेयर बाजार ने दिनभर की घबराहट के बाद आखिर में मजबूत वापसी की।
रिकॉर्ड हाई से कितना टूट चुका सोना-चांदी
इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी ने ऐतिहासिक तेजी दिखाई थी। 29 जनवरी 2026 को सोना 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 18 हजार रुपये नीचे आ चुका है। चांदी में गिरावट और भी ज्यादा तेज रही। बीते 49 दिनों में चांदी करीब 1.21 लाख रुपये तक टूट चुकी है। बाजार विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जनवरी की तेज रैली के बाद निवेशकों ने बड़े स्तर पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसी वजह से बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा।
जंग और अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने बदली रणनीति
आमतौर पर वैश्विक तनाव और युद्ध जैसे हालात में सोना-चांदी सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। लेकिन इस बार निवेशकों का व्यवहार अलग दिखाई दे रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कई बड़े निवेशकों ने धातुओं से पैसा निकालकर कैश होल्ड करना शुरू कर दिया है। बाजार में डर यह है कि आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और खराब हुए तो नकदी ज्यादा जरूरी साबित हो सकती है। इसके अलावा जनवरी में रिकॉर्ड तेजी के दौरान जिन्होंने भारी खरीदारी की थी। उन्होंने ऊंचे दामों पर प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर दबाव आ गया।
सुबह डर, शाम को रिकवरी… शेयर बाजार में बदली तस्वीर
शेयर बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। रुपये में गिरावट और विदेशी संकेतों के दबाव ने निवेशकों को डरा दिया। कारोबार के दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.96 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। शुरुआती घंटों में बाजार लाल निशान में था। कई बड़े शेयरों में बिकवाली दिखी और निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता नजर आया। लेकिन दोपहर बाद तस्वीर धीरे-धीरे बदलने लगी। रिलायंस, हिंडालको, एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में खरीदारी बढ़ी। इसके बाद बाजार ने मजबूत रिकवरी दिखाई। आखिरकार सेंसेक्स 118 अंक चढ़कर 75,318 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 23,659 के स्तर पर पहुंच गया।
हिंडालको और टाटा कम्युनिकेशंस बने बाजार के हीरो
दिनभर की तेजी में हिंडालको सबसे बड़ा आकर्षण रहा। कंपनी का शेयर 3% से ज्यादा उछल गया। इसकी वजह नोवेलिस के मजबूत Q4 नतीजे रहे। निवेशकों को कंपनी के आउटलुक में मजबूती दिखाई दी। टाटा कम्युनिकेशंस में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। नए एमडी और सीईओ की नियुक्ति के बाद शेयर 7% से ज्यादा चढ़ गया। वहीं IRB इंफ्रा और एवलॉन टेक जैसे मिडकैप शेयरों में भी मजबूत खरीदारी दिखाई दी। दूसरी तरफ कमजोर नतीजों वाली कंपनियों पर दबाव बना रहा। पीआई इंडस्ट्रीज 7% से ज्यादा टूट गया जबकि जी एंटरटेनमेंट को भी भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा।
रुपये की कमजोरी ने बढ़ाई बाजार की चिंता
हालांकि शेयर बाजार आखिर में संभल गया, लेकिन रुपये की हालत ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। रुपया आखिरकार 96.82 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड क्लोजिंग लो पर बंद हुआ। कमजोर रुपया विदेशी निवेश, आयात लागत और महंगाई पर असर डाल सकता है। यही वजह है कि बाजार की रिकवरी के बावजूद निवेशकों में पूरी राहत नहीं दिखी। आज के कारोबार ने साफ कर दिया कि फिलहाल बाजार सिर्फ आंकड़ों से नहीं, बल्कि डर और भरोसे के बीच झूल रहा है। एक तरफ निवेशक सुरक्षित विकल्प तलाश रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ मजबूत कंपनियों में खरीदारी अब भी बनी हुई है।