सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। चांदी अपने ऑलटाइम हाई से 1.20 लाख नीचे पहुंच गई, जबकि सोना भी लगातार कमजोर हो रहा है। जानिए बाजार में गिरावट की वजह।
देश में सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA ) के मुताबिक 24 कैरेट सोना 1,135 रुपए सस्ता होकर 10 ग्राम के लिए 1.58 लाख रुपए पर पहुंच गया। वहीं चांदी में और तेज गिरावट दर्ज हुई है।
1 किलो चांदी की कीमत 4,750 रुपए टूटकर 2.66 लाख रुपए रह गई है। खास बात यह है कि चांदी अब अपने ऑलटाइम हाई से करीब 1.20 लाख रुपए नीचे आ चुकी है। ऐसे में निवेशकों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि आखिर बाजार में ऐसा क्या बदल गया, जिसने कीमती धातुओं को कमजोर कर दिया।
जनवरी में रिकॉर्ड हाई, अब लगातार गिरावट
इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी दोनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। 29 जनवरी 2026 को सोना 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, अब तस्वीर बदल चुकी है। मौजूदा कीमतें अपने उच्चतम स्तर से करीब 18 हजार रुपए नीचे आ गई हैं।
चांदी में उतार-चढ़ाव और ज्यादा तेज रहा। साल की शुरुआत में जहां चांदी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो थी, वहीं जनवरी के अंत तक यह 3.86 लाख रुपए के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। लेकिन पिछले करीब चार महीनों में इसमें भारी गिरावट आई है।
क्यों टूट रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
दरअसल, आमतौर पर युद्ध या वैश्विक तनाव के समय निवेशक सोना-चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं। लेकिन इस बार मिडिल ईस्ट तनाव के बीच बाजार का व्यवहार थोड़ा अलग दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक बड़े निवेशक फिलहाल मेटल की जगह नकदी को प्राथमिकता दे रहे हैं। अनिश्चित माहौल में वे गोल्ड और सिल्वर बेचकर कैश होल्ड करना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।
इसके अलावा जनवरी में रिकॉर्ड तेजी आने के बाद कई निवेशकों ने मुनाफावसूली भी शुरू कर दी। जब बड़े स्तर पर बिकवाली बढ़ी तो बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतों पर दबाव बन गया। यही वजह है कि पिछले कुछ हफ्तों से सोना और चांदी दोनों दबाव में दिखाई दे रहे हैं।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का सीधा असर ज्वेलरी खरीदने वालों पर पड़ सकता है। शादी और त्योहारों के सीजन से पहले कीमतें नरम रहने पर ग्राहकों की खरीदारी बढ़ सकती है। हालांकि, निवेश के नजरिए से बाजार अभी भी अस्थिर माना जा रहा है। ऐसे में विशेषज्ञ जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचने की सलाह दे रहे हैं।
फिलहाल बाजार की नजर वैश्विक हालात, डॉलर इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय ब्याज दरों पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इन्हीं फैक्टर्स से तय होगा कि सोना-चांदी में गिरावट जारी रहेगी या फिर कीमतों में दोबारा तेजी लौटेगी।