उप्र में लौटा कोरोना प्रतिबंध, लखनऊ समेत इन..जिलों में मास्क लगाना हुआ अनिवार्य

कोविड प्रबंधन के लिए गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

Update: 2022-04-18 10:31 GMT

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर और बागपत जिले में फेस मास्क अनिवार्य कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कोविड प्रबंधन के लिए गठित टीम-09 की बैठक में कहा कि प्रदेश की सीमा से लगे कुछ राज्यों में कोविड संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। एनसीआर के जिलों में भी इसका प्रभाव है। बीते कुछ दिनों से यहां केस बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में गौतमबुद्धनगर में 65, गाजियाबाद में 20 और लखनऊ में 10 नए पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। इन क्षेत्रों में स्थिति पर सूक्ष्मता से नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि एनसीआर के जिलों (गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत) और लखनऊ में सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाया जाना अनिवार्य किया जाए। इन जिलों में टीकाकरण से छूटे लोगों को चिह्नित कर वैक्सीनेट किया जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जाए। लक्षणयुक्त लोगों की टेस्टिंग कराई जाए।  

ओमीक्रोन वेरिएंट की ही पुष्टि -

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआर में कोविड पॉजिटिव पाए गए मरीजों के सैम्पल की जीनोम सिक्वेंसिंग में ओमीक्रोन वेरिएंट की ही पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार संभव है कि केस की संख्या में बढ़ोतरी हो, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने अथवा मरीज के अति गंभीर होने की स्थिति नहीं होगी। लोगों को कोविड प्रोटोकॉल के अनुपालन के लिए जागरूक किया जाए। प्रदेश में वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 695 है। विगत 24 घंटों में 83 हजार 864 कोरोना टेस्ट किए गए, जिसमें 115 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 29 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। हमें पूरी सावधानी और सतर्कता बरतनी होगी।

टीकाकरण में तेजी - 

योगी ने कहा कि कोविड टीकाकरण अभियान की प्रगति संतोषप्रद है। किंतु बच्चों के टीकाकरण को और तेज करने की आवश्यकता है। 30 करोड़ 75 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण के साथ ही अब तक 103 प्रतिशत से ज्यादा वयस्क आबादी को टीके की पहली डोज लग चुकी है, जबकि 86.34 प्रतिशत से अधिक लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है। 15 से 17 आयु वर्ग में 94 फीसदी से ज्यादा किशोरों को पहली खुराक मिल चुकी है। 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को पहली डोज के बाद अब पात्रता के अनुसार दूसरी डोज भी दी जाए।

केंद्र पर बूस्टर डोज 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 700 निजी टीकाकरण केंद्र पर बूस्टर डोज लगवाया जा सकता है। इन टीकाकरण केंद्रों और बूस्टर डोज की महत्ता के बारे में आमजन को जागरूक किया जाए। 18 साल से अधिक आयु के लोगों को बूस्टर डोज लगाए जाने में तेजी की अपेक्षा है। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी नागरिक टीकाकवर से वंचित न रहे।

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