UP का मशहूर शार्प शूटर अशोकनगर में गिरफ्तार, मर्डर के लिए 500000 की ली थी सुपारी

आपसी विवाद में शहर के एक अपराधी ने यूपी के सूटर को हत्या करवाने शहर बुलाया था। लेकिन वारदात के पहले ही पुलिस ने दबोच लिया।

Update: 2026-01-05 11:22 GMT

अशोकनगरः मध्यप्रदेश की अशोकनगर पुलिस को खतरनाक अपराधी को पकड़ने में बड़ी सफलता हाथ लगी है जहां पुलिस द्वारा उत्तर प्रदेश के दूरदांत शार्प शूटर गैंगस्टर आंसू दीक्षित गैंग के सदस्य को अशोकनगर में गिरफ्तार किया गया है। जो 5 लाख रुपए लेकर एक युवक की हत्या करने के लिए शहर में आया था जिस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए शार्प शूटर सहित हत्या की सुपारी देने वाला युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है जिनसे पुलिस को एक देशी कट्टा और एक ऑटोमेटिक विदेशी पिस्टल सहित जिंदा कारतूस बरामद किए है।

सोमवार को एसपी राजीव मिश्रा ने एक हत्या की प्लानिंग के मामले में बड़ा खुलासा किया। एसपी ने बताया कि 5 दिसंबर की रात को रात्रि गश्त के दौरान एसआई आशुतोष गुप्ता को मुखबिर से सूचना मिली। इसमें पछाड़ी खेड़ा के पास कोई बाहरी व्यक्ति कोई गंभीर घटना घटित करने के उद्देश्य से हथियार लिए घूम रहा है। मुखबिर की सूचना को थाना कोतवाली को अवगत कराया गया। बाद में कोतवाली पुलिस और एसपी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

पुलिस ने टीम बनाकर पकड़ा शूटर

आरोपी को पकड़ने के लिए एसआई आशुतोष गुप्ता के साथ एक टीम गठित की गई। टीम के द्वारा मुखबिर की सूचना पर पछाड़ी खेड़ा के पास भसुआ मंडी पहुंचे। जहां से एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ कि गई तो उसने अपना नाम कपिल दुबे हरिपुरा अयोध्या उत्तर प्रदेश बताया।

हत्या के लिए मिली थी 5 लाख की सुपारी

पूछताछ में बताया कि संजीव यादव द्वारा मुझे एवं जीतू गुप्ता निवासी ललितपुर को 5 लाख रुपए में राजकुमार उर्फ जागीर यादव को जान से मारने की सुपारी दी थी। पुलिस को आरोपी कपिल दुबे से एक 7.65 एम एम पिस्टल एवं तीन जिंदा कारतूस तीन मोबाइल फोन टिकट एवं नगदी जप्त किए गए हैं। वहीं, संजीव यादव से एक 315 बोर का देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस जप्त किया है।

शार्प शूटर गैंग का एक्टिव मेंबर था

एसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि कपिल दुबे उत्तर प्रदेश की शार्प शूटर गैंगस्टर अंसू दीक्षित की गैंग का होना बताया गया। वह डबल मर्डर की फरारी भोपाल में काटते समय उत्तर प्रदेश एसटीएफ एवं भोपाल क्राइम ब्रांच पुलिस पर भी उपरोक्त आरोपियों द्वारा जान से मारने की नीयत से गोलीबारी की गई थी। जिसमें एसटीएफ लखनऊ उत्तर प्रदेश उप नरीक्षक संदीप मिश्रा एवं भोपाल क्राइमब्रांच के आरक्षक राघवेंद्र पांडे को गोलियां चलाई थी जिस प्रकरण में आरोपी कपिल दुबे पिछले 10 साल से जेल में सजा काट रहा था और चार माह पहले ही जेल से छूटा था।

लोकल दो युवकों के बीच चल रहा केस

पुलिस ने बताया कि संजीव यादव दमदमा और जगीरा यादव दोनों के खिलाफ पहले भी क्रिमिनल केस रजिस्टर हैं। दोनों ने एक दूसरे पर केस रजिस्टर कराए हैं। ऐसे में दोनों ही युवक आपराधिक प्रवृत्ति के है और दोनों के बीच काफी दिनों से आपसी विवाद चल रहा था। लेकिन मामला इतना बढ़ गया कि संजीव यादव ने जगीरा यादव की हत्या करने के लिए यूपी के शार्प शूटर बुलाया था। जिसे 10 हजार रुपए दे दिए थे बाकी हत्या के बाद टोटल 5 लाख रुपए देना था।

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