मोहन सरकार बड़ा फैसला: ग्वालियर-उज्जैन व्यापार मेले में वाहन टैक्स में 50 फीसदी छूट
मोहन कैबिनेट ने मंगलवार को ग्वालियर एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेले में बिकने वाले वाहनों के लिए मोटरयान कर में 50 फीसदी छूट की मंजूरी दे दी है। साथ ही शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान के लिए 322 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा मप्र स्पेस टेक नीति-2026 को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में सभी मंत्री टेबलेट लेकर पहुंचे थे। कैबिनेट ने अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा के बाद उन्हें मंजूरी दी।
मोटरयान कर में छूट को लेकर कैबिनेट में लंबी चर्चा हुई। इसमें ग्वालियर-चंबल संभाग से आने वाले मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मेला छूट देने का प्रस्ताव रखा। इसका तुलसीराम सिलावट, गोविंद राजपूत सहित अन्य मंत्रियों ने समर्थन किया।
मोटरयान कर में छूट के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने राजस्व हानि और कर छूट का लाभ कमजोर वर्ग को न मिलने का हवाला देकर विरोध किया. वित्त विभाग का कहना था कि इस वर्ष राजस्व घाटा होने की संभावना है, जिससे प्रदेश को आने वाले वर्षों में कर्ज मिलने में अड़चन आ सकती है।
विभाग ने वित्त विभाग की आपत्ति को यह कहकर खारिज किया कि ग्वालियर एवं उज्जैन व्यापार मेले क्षेत्र की जनता के लिए आकर्षण के केंद्र होते हैं। ग्वालियर मेला प्राचीन है। इसलिए मेला अवधि में विक्रित वाहनों को छूट दी जाए। चर्चा के बाद कैबिनेट ने उज्जैन एवं ग्वालियर व्यापार मेला के लिए मोटरयान छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. छूट से 375 करोड़ की राजस्व हानि की संभावना है। इसके साथ ही कैबिनेट ने आगामी वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति तैयार करने के लिए मंत्रि-परिषद समिति गठन की स्वीकृति दे दी है।
चायनीज मांजे से हो रही घटनाओं से सरकार चिंतित - कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने संक्राति की बधाई दी। साथ ही कहा कि चायनीज धागे से हो रही दुर्घटनाएं चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी होनी चाहिए। लोगों के इसके उपयोग के प्रति सतर्क होना चाहिए। सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री की बात का समर्थन किया।
स्पेस टेक नीति मंजूर, 5 साल में मिलेंगी 8 हजार नौकरियां
कैबिनेट ने मप्र स्पेस टेक नीति-2026 लागू किए जाने की स्वीकृति दी है। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण और डाउनस्ट्रीम अनुप्रयोगों में नवाचार को बढ़ावा देगी। प्रदेश में आगामी पांच वर्षों में एक हजार करोड़ रुपये का निवेश और लगभग आठ हजार रोजगार सृजन होने का अनुमान है। इस पर अनुमानित वित्तीय भार 628 करोड़ रुपये आएगा। नीति के लागू होने से मप्र अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (स्पेस टेक) क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले
200 सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये मंजूर।
उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ रुपये स्वीकृत।
राजगढ़ एवं रायसेन जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रुपये मंजूर।
महूगंज के शहीद उपनिरीक्षक रामचरण गौतम के परिजनों को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि स्वीकृत।
मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के पंचम चरण को तीन वर्षों के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी।
तीन सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजनाओं को स्वीकृति।
मुख्यमंत्री के ओएसडी सेवानिवृत्त आईएएस गोपाल चंद्र डांड के कार्यकाल में एक वर्ष की वृद्धि किए जाने का अनुसमर्थन।
सेवानिवृत्त आईएफएस सुदीप सिंह को मप्र राज्य जैव विविधता बोर्ड, भोपाल के सदस्य सचिव के संविदा पद पर नियुक्ति को मंजूरी।