जैश के पास हजारों फिदायीन होने का दावा, मसूद अजहर का ऑडियो वायरल
जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद का ऑडियो वायरल
पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के नाम से एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस ऑडियो में मसूद अजहर कथित तौर पर दावा कर रहा है कि उसके संगठन के पास आत्मघाती हमलावरों की बहुत बड़ी संख्या मौजूद है।
वायरल क्लिप में मसूद अजहर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जैश-ए-मोहम्मद के पास सिर्फ गिने-चुने या सैकड़ों लड़ाके नहीं, बल्कि उससे कहीं अधिक फिदायीन (जो खुद को कुर्बान कर दे) मौजूद हैं। उसका दावा है कि यदि इनकी वास्तविक संख्या सार्वजनिक कर दी जाए, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच जाएगी।
मसूद अजहर ऑडियो में क्या बोले-
मौलाना मसूद अजहर ने ऑडियो में कहा कि-'मुझे खत लिख-लिख के धमकियां देते हैं कि हमें जल्दी भेज दो वरना ये हो जाएगा वरना वो हो जाएगा. मुझे अल्लाह का वास्ता देकर कहते हैं, 'हमें जल्दी आगे भेज दो, हमें जल्दी आगे भेज दो. मुझे रसूल के वास्ते दे के कहते हैं, 'हमें जल्दी आगे भेज दो.' मुझे मदीना शरीफ की दुआएं देकर कहते हैं, 'अल्लाह आपको मदीना दिखाए, मुझे जल्दी आगे भेज दो.' कभी क्या तरीका इख्तियार करते हैं, कभी क्या तरीका इख्तियार करते हैं, रब से मुलाकात का इनको इतना शौक है. इतना शौक है कि ये एक नहीं है, ये दो नहीं है, ये एक सौ नहीं है, ये तीन सौ नहीं है, ये एक हजार नहीं है. बता दूंगा तो कल दुनिया की मीडिया में हंगामा मच जाएगा'
‘शहादत के अलावा कुछ नहीं मांगते’
ऑडियो में मसूद अजहर यह भी कहता है कि उसके संगठन से जुड़े लड़ाके किसी तरह के निजी लाभ, पैसे, वीजा या सांसारिक सुविधाओं के लिए नहीं लड़ते। उनके अनुसार, ये लोग केवल ‘शहादत’ की इच्छा रखते हैं और इसी भावना के साथ संगठन से जुड़े हुए हैं।
भारत में कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड
मसूद अजहर भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड रह चुका है। वर्ष 2001 में संसद पर हुए हमले से लेकर 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले तक, कई मामलों में उसका नाम सामने आया है। इसके अलावा वह 2019 के पुलवामा हमले, 2016 के उरी हमले और अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, मसूद अजहर ने भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए जैश-ए-मोहम्मद के कैडर का इस्तेमाल किया था।
1994 में भारत में गिरफ्तारी, 1999 में हाईजैक के बाद रिहाई
मसूद अजहर पहली बार 29 जनवरी 1994 को बांग्लादेश के रास्ते भारत आया था। फर्जी पहचान के सहारे वह जम्मू-कश्मीर पहुंचा, जहां आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में उसे अनंतनाग से गिरफ्तार किया गया। बाद में 24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली आ रहे भारतीय विमान के हाईजैक के बाद भारत सरकार को यात्रियों की जान बचाने के बदले मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों को रिहा करना पड़ा। रिहाई के बाद वह पाकिस्तान चला गया।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आया ऑडियो
जानकारी के अनुसार, यह ऑडियो भारत द्वारा आतंकियों के खिलाफ की गई हालिया कार्रवाइयों के बाद सामने आया है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इस कार्रवाई में बहावलपुर में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्यों और उसके कुछ करीबी सहयोगियों के मारे जाने की खबर सामने आई थी।
हालांकि अभी इस ऑडियो की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही इस की तारीख भी सामने नहीं आई है।