आखिर फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास ही क्यों चली आधी रात को बुलडोजर?
दिल्ली में फ़ैज़ ए इलाही के तहत अवैध अतिक्रमण हटा दिया गया।
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित सैयद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास मंगलवार, 7 जनवरी की आधी रात नगर निगम (MCD) द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए और प्रशासन तथा स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठी। इस घटना में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया था। एमसीडी का कहना है कि कार्रवाई से पहले सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था और लोगों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था। लेकिन फिर भी हालात बिगड़ गए , और कर्मचारियों के बीच झड़प हो गई। लेकिन अब सवाल उठता है कि आखिर दिल्ली में आधी रात को ही बुलडोजर क्यों चली?
क्यों की गई यह कार्रवाई?
दरअसल, यह पूरी कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत की गई। नवंबर 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने तुर्कमान गेट स्थित रामलीला मैदान के पास लगभग 39,000 वर्ग फुट जमीन से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। अदालत ने एमसीडी और पीडब्ल्यूडी को आदेश दिया था कि सड़क, फुटपाथ, पार्किंग, बैंक्वेट हॉल, प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर सहित अन्य अवैध संरचनाओं को हटाया जाए।
22 दिसंबर को जारी हुआ था नोटिस
जानकारी के अनुसार 22 दिसंबर को एमसीडी ने नोटिस जारी कर स्पष्ट किया था कि मस्जिद के लिए निर्धारित 0.195 एकड़ जमीन से बाहर बने सभी ढांचे अवैध हैं। नोटिस में यह भी कहा गया कि मस्जिद कमेटी या दिल्ली वक्फ बोर्ड की ओर से अतिरिक्त जमीन पर मालिकाना हक या वैध कब्जे से जुड़े कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।
6 जनवरी को हुई हाईकोर्ट में सुनवाई
मस्जिद प्रबंधन कमेटी की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी, शहरी विकास मंत्रालय और दिल्ली वक्फ बोर्ड से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गई है। हालांकि, इससे पहले आए हाईकोर्ट के आदेश के चलते एमसीडी ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
भारी सुरक्षा के बीच कार्रवाई
एमसीडी की टीम करीब 30 बुलडोजर और 50 डंपर ट्रकों के साथ मौके पर पहुंची थी। पूरे इलाके को 9 जोन में बांटा गया था और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निगरानी की जा रही थी। संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की 10 से अधिक कंपनियां और रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया था।
पथराव और पुलिस कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान करीब 25 से 30 लोगों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस को हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान एक डिस्पेंसरी और एक बैंक्वेट हॉल को ध्वस्त किया गया।
झड़प में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों और एमसीडी कर्मचारियों के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है।