अमेरिका की वेनेजुएला पर हमला करने की वजह ड्रग ही है? या USA की इन संसाधनों पर है नजर
दुनिया में सबसे अधिक तेल का भंडार वेनेजुएला के पास है, साथ ही देश में 40 लाख टन सोने, 12 हजार मिलियन टन लौह अयस्क, 60 मिलियन टन बॉक्साइट और 10 अरब मीट्रिक टन कोयले सहित विशाल खनिज भंडार हैं।
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला एक विभिन्न संसाधनों से पूर्ण देश है। इसके पास कच्चे तेल का भंडार लगभग 303.3 अरब बैरल है, जो कि दुनिया के किसी भी देश के पास नहीं है। इसलिए वेनेजुएला दुनिया में पाँचवाँ सबसे बड़ा तेल निर्यात करने वाला देश है। यह रोजाना लगभग 9 लाख बैरल कच्चे तेल का एक्सपोर्ट करता है। साल 2023 की रिपोर्ट के अनुसार वेनेजुएला ने दुनिया के कुल कच्चे तेल का सिर्फ़ 0.8% उत्पादन किया।
एक सर्वे के अनुसार 2016 में वहां 12 हजार मिलियन टन लौह अयस्क भी है। 40 लाख टन सोने के खनिज का भंडार होने का भी अनुमान है। वेनेजुएला में कोयला, इस्पात, एल्यूमीनियम, निकेल, मैंगनीज, कॉपर और जिंक समेत कई खनिज हैं।
रिपोर्ट के अनुसार 60 मिलियन टन एल्यूमीनियम अयस्क वेनेजुएला में है। 10 अरब टन कोयले का भंडार और 12 हजार मिलियन टन लौह अयस्क का भंडार है।
2 जनवरी को वेनेजुएला पर हमला कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेंस को अमेरिका गिरफ्कतार लिया था। अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का आरोप लगाया था। तो क्या राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने की असली वजह ड्रग्स ही है या फिर अमेरिका की इन संसाधनों पर नजर? हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।