वाहन मालिकों को 1 फरवरी से फास्टैग में नहीं कराना होगा KYV, बैंक खुद करेगा काम
देशभर में 1 फरवरी 2026 से नई कारों के लिए फास्टैग में KYV की जरूरत नहीं होगी। पुराने फास्टैग पर भी रुटीन जांच खत्म।
नई दिल्ली। वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। 1 फरवरी से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नई गाड़ियों के लिए KYV को बंद करने का फैसला लिया है।
इतना ही नहीं, जिन वाहनों पर पहले से फास्टैग लगा हुआ है, उनके मालिकों को भी अब रुटीन KYV कराने की बाध्यता नहीं रहेगी। इससे वाहन मालिकों को वैध दस्तावेज होने के बावजूद लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया और अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी।
फास्टैग में KYV से मिलेगी आजादी
सरकार के इस कदम का मकसद फास्टैग एक्टिवेशन के बाद आने वाली दिक्कतों को खत्म करना है। अब तक कई बार यूजर्स की शिकायत रहती थी कि टैग एक्टिव होने के बावजूद बैंक या अथॉरिटी वेरिफिकेशन के नाम पर प्रक्रिया अटका देती थी। नई गाइडलाइन के लागू होने के बाद बार-बार फास्टैग अपडेट कराने की जरूरत भी खत्म हो जाएगी।
शिकायत होने पर ही होगी KYV जांच
NHAI ने साफ किया है कि KYV प्रक्रिया को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है, बल्कि इसे जरूरत आधारित बनाया गया है। अब KYV तभी की जाएगी, जब फास्टैग के गलत इस्तेमाल, गलत तरीके से जारी होने या ढीले टैग से जुड़ी कोई शिकायत सामने आएगी। सामान्य तौर पर सही तरीके से काम कर रहे फास्टैग के लिए किसी भी तरह के अतिरिक्त डॉक्युमेंट नहीं मांगे जाएंगे।
बैंक खुद करेंगे वाहन का डिजिटल वेरिफिकेशन
फास्टैग जारी करने वाले बैंकों के लिए भी नियम बदले गए हैं। अब फास्टैग एक्टिवेट करने से पहले बैंकों को सरकारी वाहन पोर्टल के डेटाबेस से वाहन का प्री-एक्टिवेशन वैलिडेशन करना अनिवार्य होगा। इससे ग्राहकों को बाद में बैंक या दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
टोल भुगतान होगा और भी आसान
NHAI अधिकारियों के अनुसार, यह सुधार आम सड़क उपयोगकर्ताओं का समय बचाने के लिए किया गया है। पोस्ट-इश्यूएंस KYV के कारण टोल प्लाजा पर भुगतान के दौरान आने वाली दिक्कतें अब खत्म होंगी। इस बदलाव के बाद टोल पेमेंट प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और बिना रुकावट के पूरी हो सकेगी।