ग्वालियर। वर्ष का दूसरा चन्द्रग्रहण शुक्रवार, पांच जून को पड़ेगा। ज्योतिषाचार्य हुकुमचंद जैन ने बताया कि पांच जून को माध (उपछाया) चन्द्र ग्रहण पड़ेगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इसका स्पर्श शुक्रवार रात्रि 11.16 से 12.55 तक रहेगा। ग्रहण से मोक्ष रात्रि 2.34 पर होगा। ग्रहण का समय 3 घण्टा 18 मिनट का होगा। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस ग्रहण का कहीं कोई असर नहीं होगा और सूतक भी नहीं लगेगा।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 10 जनवरी को पहला चन्द्रग्रहण लगा था, इसके अलावा 21 जून को सूर्य ग्रहण भी लगेगा। उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण चांद के आकार में किसी भी प्रकार का कोई भी बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। इसमें सिर्फ चांद मटमैला जैसा हो जाएगा। ग्रहण भारत के अलावा आस्ट्रेलिया, एंटार्टिका, एशिया, यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका के पूर्व भाग हिन्द महासागर, पश्चिमी पेसिफिक महासागर में भी दिखाई देगा। ज्योतिष में इस घटना को ग्रहण नहीं कहा जाता इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। उपच्छाया चंद्र ग्रहण में जब पृथ्वी की छाया वाले क्षेत्र में चंद्रमा आ जाता है और चंद्रमा पर पडऩे वाली सूर्य की रोशनी बहुत ही कम पड़ती प्रतीत होती है। इसे ही उपच्छाया चंद्रग्रहण कहते हैं। इस चंद्रग्रहण में चंद्रबिम्ब काला दिखाई नहीं देता बल्कि मालिन्य मात्र छाया आने से धुंधला दिखाई देगा। अत: धार्मिक दृष्टि से कोई सूतक आदि मान्य नहीं है।
राशियों पर प्रभाव-
ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह ग्रहण मेष, सिंह, कन्या, मकर राशियों के लिए लाभकारी है। वृष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ एवं मीन राशि के लिए कष्टकारक होगा।