मुन्ना की गांधीगिरी पर कांग्रेस का नोटिस !

Update: 2020-06-13 03:39 GMT

ग्वालियर, विशेष प्रतिनिधि। पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल पर हुए जानलेवा हमले के बाद उनके द्वारा जिस तरह इस गंभीर मामले में किसी तरह का आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं कराया गया, बल्कि दो दिन के भीतर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपए की सहायता राशि दिलवाई गई। इसमें कांग्रेस छोड़ने के बाद भी उनकी गांधीगिरी झलकती है। वहीं इस मामले में कांग्रेस का रवैया एकदम उलट रहा, मुन्ना पर हुए हमले की निंदा करने पर दो कांग्रेस नेताओं को नोटिस जारी करना कुछ ऐसा ही दर्शाता है।

उल्लेखनीय है कि सिरोल थाना क्षेत्र में कुछ दिन पूर्व एक दलित परिवार के पारस जौहरी की हत्या हो गई थी। उनके परिजन थाने पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान परिवार को दिलासा देने श्री गोयल वहां पहुंचे। तभी कुछ लोगों ने उनके वाहन पर पथराव कर दिया, जिससे उनके माथे पर चोट आ गई। घटना के बाद श्री गोयल ने हमले में कांग्रेस का हाथ होने का आरोप लगाया, किंतु किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना उचित नहीं समझा। इस बीच कांग्रेस के प्रदेश महासचिव दुष्यंत साहनी एवं पूर्व मेला संचालक महबूब भाई चेनवाले ने पूर्व विधायक गोयल पर हुए हमले की निंदा की पोस्ट सोशल मीडिया पर डाल दी। इस पूरे मामले में चुप्पी साधे बैठी रही कांग्रेस को यकायक न जाने क्या हुआ और शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने इन दोनों कांग्रेस नेताओं पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। यानीकि कांग्रेस में इस समय गुटबाजी बरकरार है, यह इन नोटिसों से साबित हो रहा है। क्योंकि हमले की निंदा मात्र करने से किसी को नोटिस दिया जाना कम से कम गांधीगिरी में नहीं आता। जबकि पूर्व विधायक ने तत्काल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से चर्चा के बाद मृतक के परिजनों को चार लाख रुपए की सहायता राशि मंजूर कराकर उसका चेक उन्हें दिलवा दिया। जिसमें उनकी गांधीगिरी की झलक स्पष्ट दिखाई दी।

दो अप्रैल बनाना चाहते थे हमलावरः गोयल

वहीं इस मामले में पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल का कहना है कि हमलावरों की मंशा इस घटना को दो अप्रैल की तरह बनाने की थी। वे इसे दलित विरुद्ध भाजपा करना चाहते थे, लेकिन इस समाज से मेरा सीधा संपर्क है, इसलिए ऐसा कुछ नहीं हो सका।

वरिष्ठ नेताओं को अवगत करायाः साहनी

उधर कांग्रेस अध्यक्ष का नोटिस मिलने के बाद प्रदेश महासचिव दुष्यंत साहनी ने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं मंत्री डॉ गोविंद सिंह को मेल कर सारी घटना से अवगत करा दिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर से उनकी बात हुई है, जिसमें उन्होंने सारा घटनाक्रम सुनने के बाद पार्टी के लिए कार्य करते रहने को कहा है।

चार दिन बाद पहुंचे कांग्रेसी

सिरोल थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद मृतक के परिजनों के पास शुक्रवार को कांग्रेस नेता संवेदना जताने पहुंचे। किंतु वह घर के बाहर ही बैठ कर वापस लौट आए।

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