भोपाल में राजू ईरानी डेरा: पुलिस संरक्षण या कानूनी ढिलाई?

Update: 2026-01-03 05:10 GMT

तीन महीने में दूसरी बार पुलिस दल पर हमला करने वाले डेरे के लोगों पर कार्रवाई के बाद जागी पुलिस,पुरानी झपटमारी की वारदातों में अब दर्ज हुई फिर
साइबर क्राइम मोबाइल ट्रैकिंग रिपोर्ट आने के बावजूद फाइल अफसरों की मेज पर दबी रही

राजधानी के ईरानी डेरा में हुई कारवाई के बाद भोपाल पुलिस कमिश्ररेट प्रणाली की पारदर्शिता चर्चा में आ गई है। यह इलाका दो दशक से अपराधियों को पनाह देने वाला कुख्यात अड्डा बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, टीटी नगर, गोविंदपुरा और निशातपुरा पुलिस ने गुरुवार को तीन झपटमारी के प्रकरण दर्ज किए। तीनों वारदातों में मोबाइल झपटमारी शामिल थी।

टीटी नगर: 25 दिसंबर की रात साढ़े दस बजे, डिपो चौराहे के पास गणेश द्वारे के साथ हुई घटना।

गोविंदपुरा: 2 दिसंबर को रचना नगर पुलिया के पास सौरभ गजभिये के साथ हुई घटना।

निशातपुरा: 3 दिसंबर को जेपी नगर ब्रिज के पास विशाल श्वभ्य के साथ हुई घटना।

यह प्रकरण पुलिस ने तब दर्ज किए जब 27-28 दिसंबर की रात भोपाल पुलिस की 18वीं टीम ने ईरानी डेरा में छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान दर्जनों महिलाएं पुलिस को घेरने लगीं। इसके बाद पूरे डेरा में दबिश देकर 10 महिला समेत 33 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनके ठिकानों से पुलिस को 51 मोबाइल मिले, जिनमें से तीन मोबाइल झपटमारी की घटनाओं से संबंधित थे।

माफिया से शहर का जमींदार बना

राजधानी का ईरानी डेरा अब पुराना ईरानी डेरा कॉलोनी के नाम से जाना जाता है। जबकि दूसरा डेरा जारिया रेलवे की जमीन पर कब्जा करके बसाया गया। इसका संचालन डेरा का मुखिया राजू ईरानी कर रहा था। राजू ईरानी के खिलाफ कई राज्यों में लूट, डकैती, झपटमारी, रंगदारी, हत्या के प्रयास समेत अन्य प्रकरण दर्ज हैं। अपराध से अर्जित रकम से उसने रायसेन रोड पर जमीन खरीदी और संपत्ति बनाई।

कार्रवाई को लेकर घिर रही पुलिस

पुलिस विभाग में इस मामले को लेकर दो गुट बन गए हैं। एक गुट राजू ईरानी से जुड़े हुए हैं। यदि राजू ईरानी के करीबी घनश्याम राजपूत के कॉल डिटेल खंगाले गए तो कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का नाम सामने आ सकता है।

माफिया की खास लेडी डॉन

पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजू ईरानी के गिरोह में दर्जनों युवक हैं जो मोबाइल, जेवरात छीनने, लूट और चोरी करते हैं। ये जेवरात मर्जिना खान (पति स्वर्गीय शेर खान, 50 वर्ष) की मदद से आभूषण कारोबारियों को बेचे जाते थे। मर्जिना खान गिरोह की बड़ी मुखबिर भी मानी जाती है। राजू ईरानी के इशारे पर 4 दिसंबर, 2025 को अपरारा ईरानी के घर में आग लगाई गई थी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था, लेकिन बाद में मामले में काउंटर कार्रवाई भी दर्ज की गई। इन मामलों को लेकर डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवार से संपर्क किया गया, हालांकि उनकी तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया।

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