MP पुलिस में थर्ड जेंडर बनेंगे 'सिंघम', बदल जाएगी खाकी की पहचान!
एमपी पुलिस में में कुछ ऐसा होने जा रहा है जिससे प्रदेश उन चुनिंदा राज्यों में शामिल होने जा रहा है, जहां थर्ड जेंडर यानी किन्नर सब-इंस्पेक्टर और सूबेदार बनकर दिखाएंगे।
भोपालः मध्य प्रदेश के पुलिस बेड़े में अब एक नया और गौरवशाली अध्याय जुड़ने जा रहा है। अब तक जिन हाथों को समाज ने सिर्फ दुआएं देने या नेक मांगने के लिए देखा था, अब उन्हीं हाथों में कानून की रक्षा का डंडा और कमर पर पिस्टल सजी होगी। मध्य प्रदेश सरकार के नए नोटिफिकेशन ने थर्ड जेंडर समुदाय के लिए पुलिस में कमांडेंट और सब-इंस्पेक्टर बनने का रास्ता साफ कर दिया है। जानिए इसके लिए उनको क्या करना होगा।
दुआओं से 'ड्यूटी' तक का सफर
यह बदलाव सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति है। अब थर्ड जेंडर के युवा न केवल कॉन्स्टेबल बनेंगे, बल्कि अपनी योग्यता के दम पर ऊंचे पदों पर बैठकर अपराधियों के छक्के छुड़ाएंगे। भर्ती की खास बात यह है कि कलेक्टर कार्यालय से मिलने वाला एक 'मैजिकल सर्टिफिकेट' यह तय करेगा कि उनकी शारीरिक परीक्षा पुरुष वर्ग के कठिन मानकों पर होगी या महिला वर्ग के कोमल लेकिन चुनौतीपूर्ण मानदंडों पर होगी।
क्यों खास है यह फैसला?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को जमीन पर उतारते हुए एमपी पुलिस ने भेदभाव की दीवार ढहा दी है। भर्ती होने के बाद ट्रेनिंग सेंटर के उबड़-खाबड़ रास्तों और कड़क अनुशासन में भी इन्हें महिला या पुरुष वर्ग के समान ही तैयार किया जाएगा। जब एक ट्रांसजेंडर अफसर परेड की कमान संभालेगा, तो समाज में उनके प्रति नजरिया पूरी तरह बदल जाएगा।
साल 2021 में शुरू हुई थी प्रोसेस
बता दें कि एमपी पुलिस में कॉन्स्टेबल के पोस्ट पर थर्ड जेंडर कैंडिडेट को भर्ती में पोस्ट देने की प्रक्रिया साल 2021 में शुरू हुई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सभी स्टेट्स को थर्ड जेंडर समुदाय को सरकारी नौकरियों में स्थान देने का आदेश जारी किया था। इसके बाद एमपी पुलिस में 2025 में होने वाली कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में थर्ड जेंडर की वैकेंसी में शामिल करने का फैसला लिया है।
आम कैंडिडेट जैसे प्रक्रिया से होगा चयन
थर्ड जेंडर कैंडिडेट को सामान्य अभ्यर्थियों की पूरी तरह एग्जाम प्रोसेस से होकर गुजरना होगा। थर्ड जेंडर के कैंडिडेट्स को पहले लिखित परीक्षा (written exam) में पास होना होगा। इसके बाद मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर फिजिकल फिटनेस एग्जाम में शामिल किया जाएगा। उनको महिला या पुरुष वर्ग में से किसी एक में शामिल किया जाएगा। इसके बाद उन्हें सर्टिफिकेट के आधार पर महिला या पुरुष के फिजिकल मानकों का पालन करना होगा। इनकी यही प्रक्रिया ट्रेनिंग के समय भी लागू होगी।
आपको बता दें कि इस बार पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में साढे़ 9 लाख से अधिक लोगों ने फॉर्म भरा है। इसमें 4 अभ्यर्थी थर्ड जेंडर शामिल हैं। हालांकि अभी तक सिलेक्शन प्रोसेस पूरी नहीं हुई है।