सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट, प्रदेश में टल सकते है पंचायत चुनाव

Update: 2021-12-23 14:00 GMT

भोपाल। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। प्रथम एवं द्वितीय चरण के नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसी बीच गुरुवार को विधानसभा में सर्वसम्मति से अशासकीय संकल्प पारित किया गया है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के बिना न हों। सरकार अब विधानसभा का यह संकल्प राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेगी। यानी अब आयोग तय करेगा कि चुनाव की प्रक्रिया जारी रहेगी या फिर इसे टाला जाएगा? इधर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. गिरीश गौतम ने पंचायत चुनाव फिलहाल टलने के संकेत दिए हैं। 

विधानसभा के शीतकालीन सत्र का गुरुवार को चौथा दिन था। पूर्वाह्न 11 बजे सदन में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने पंचायत चुनाव का मुद्दा उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर सरकार कुछ नहीं कर रही है। एक तरफ पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, दूसरी ओर कोर्ट में जाने की बात कही जा रही है। नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने कहा कि हम चाहते हैं चुनाव को तत्काल रोका जाए। 

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई रिव्यू पिटीशन - 

इसके जवाब में गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमने रिव्यू पिटीशन दाखिल की है। आज तत्काल सुनवाई को लेकर कोर्ट से आग्रह कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के सदस्य उनके इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और आसंदी के सामने आकर नारेबाजी करने लगे। इस पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस यहां पर घड़ियाली आंसू बहा रही है। प्रतिदिन प्रश्नकाल को बाधित किया जा रहा है। हमने जो कहा, उसका अक्षरश: पालन कर रहे हैं। ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव हो, हम इसी दिशा में आगे बढ रहे हैं। तभी सत्तापक्ष से विश्वास सारंग और भूपेंद्र सिंह खड़े हुए और विपक्ष से बहस करने लगे। 

चुनाव आयोग लेगा निर्णय - 

इधर, विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने पंचायत चुनाव टलने के संकेत दिये हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा से सर्वसम्मति से जो संकल्प पारित हुआ है, उसे सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। एक तरह से यह चुनाव प्रक्रिया को रोकने के लिए सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट है। इसके माध्यम से बताया जाएगा कि सदन का यह स्पष्ट मत है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के बिना न हों।

Tags:    

Similar News