भोपाल सेंट्रल जेल में सिमी के चार आतंकियों ने खाना छोड़ा, दो की बिगड़ी हालत, हुए बेहोश

भूख हड़ताल पर बैठे चारों आतंकियों की मांग जेल प्रशासन सुरक्षा कारणों से खारिज कर चुका है।

Update: 2023-10-19 14:43 GMT

भोपाल जेल में चार आतंकियों ने की भूख हड़ताल 

भोपाल। राजधानी भोपाल की सेंट्रल जेल के हाई सिक्योरिटी सेल में रखे गए स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के चार आतंकी भूख हड़ताल कर रहे हैं। बुधवार देर शाम इनमें से दो आतंकी बेहोश हो गए। चिकित्सकों ने उन्हें ड्रिप से ग्लूकोस दिया, लेकिन देर रात होश में आते ही उन्होंने हाथ में लगी ड्रिप निकाल दी और चिकित्सकों को हाथ लगाने के लिए मना कर दिया। जेल प्रशासन ने दोनों आतंकियों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए राज्य शासन को पत्र लिखा है।

दरअसल, सिमी के चार आतंकी इन सेंट्रल जेल में बंद हैं। इनमें दो आतंकियों शिवली और कमरुद्दीन को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी, जबकि अबु फैसल और कामरान आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। ये जेल में न्यूज पेपर, लाइब्रेरी, सामूहिक नमाज और घड़ी देने की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर चारों ने जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

आतंकी सहयोग नहीं कर रहे - 

सेंट्रल जेल की जेलर सरोज मिश्रा का कहना है कि आतंकी डॉक्टरों का सहयोग नहीं कर रहे हैं। हाथ लगाने भर से ही भड़क जाते हैं। ड्रिप भी निकालकर फेंक देते हैं। उन्होंने बताया कि इन आतंकियों ने एक-एक कर भूख हड़ताल शुरू की थी। जेल नियमों के हिसाब से चारों ने लिखित में इसकी सूचना दी थी। हमने नियमानुसार उन्हें वॉर्निंग लेटर सेन्ट्रल जेल में सिमी के चार आतंकी कर रहे भूख हड़ताल, दो बेहोश हुएरी किया। चारों ने तब भी हड़ताल खत्म नहीं की। हमने आगे की कार्रवाई करते हुए उनकी मुलाकात और चिट्ठी लिखने पर रोक लगा दी। इसके बाद भी उन्होंने भूख हड़ताल खत्म नहीं की।

नहीं मान रहे आतंकी - 

जानकारी के अनुसार, 26 जून 2023 को कामरान ने खाना छोड़ दिया था। उसने जेल प्रशासन से कहा कि वह न खाना खाएगा, न पानी पीएगा। कुछ दिन बाद जेल प्रशासन ने कामरान को जेल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया। वहां भी उसने वही शर्त रख दी कि वह जेल के किसी कर्मचारी से खाना नहीं लेगा। वहीं, अबु फैसल ने भी 8 अगस्त को खाना छोड़ दिया। इसके बाद कमरुद्दीन और शिवली ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी। भूख हड़ताल पर बैठे चारों आतंकियों की मांग जेल प्रशासन सुरक्षा कारणों से खारिज कर चुका है। इसके बावजूद वे जिद पर अड़े हैं।

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