आपकी जिंदगी में खुशियां आएं, यह हमारे जीवन का लक्ष्य है : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण, लघु वनोपज संग्रहण आदि से आदिवासियों को हुआ अच्छा लाभ

Update: 2020-08-27 14:08 GMT

भोपाल। सरकार आदिवासी भाई-बहनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य का रही है। एक ओर जहां तेंदूपत्ता संग्रहण, लघु वनोपज संग्रहण आदि के माध्यम से उन्हें वनोपजों का अच्छा लाभ दिलाया जा रहा है, वहीं उचित मूल्य राशन, संबल योजना आदि के माध्यम से उनका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। आदिवासियों को वनाधिकार पट्टे दिए जा रहे हैं तथा प्रदेश के सभी अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में उन्हें साहूकारों के चंगुल से मुक्त करने के लिए अवैध रूप से दिए गए ऋण को शून्य कर दिया गया है। 'आपकी जिन्दगी में खुशियां आएं, यह हमारे जीवन का लक्ष्य है।' यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों से चर्चा के दौरान कहीं।   

वनोपज का समर्थन मूल्य बढ़ाना लाभदायक सिद्ध हुआ

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने महुआ सहित 14 वनोपजों के समर्थन मूल्य में वृद्धि की, जिसके परिणाम स्वरूप आदिवासियों को इनका बेहतर मूल्य मिला। सरकार ने इस बार महुए का मूल्य 35 रूपये प्रतिकिलो तय किया, जिससे इसका बाजार मूल्य 45 रूपये किलो तक बढ़ गया। अनूपपुर जिले के हितग्राही श्री विश्वनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसने इस वर्ष 5 क्विंटल महुए का संग्रहण किया, उसका महुआ 45 रूपये किलो में बिका।

तेंदूपत्ता संग्रहण से हुआ लाभ

चंदेरी-अशोकनगर के हितग्राही नोना पिता दरउआ कुशवाह ने बताया कि उन्हें इस बार तेंदूपत्ता संग्रहण से 21 हजार 250 रूपये मिले, साथ ही वर्ष 2018 के बोनस की राशि 9 हजार रूपये भी प्राप्त हुई। इसी के साथ 32 हजार रूपये का महुआ भी विक्रय किया। पिपरौदाउबारी वन समिति, शिवपुरी के करतार सिंह यादव को 5300 तेंदूपत्ता गड्डी विक्रय से 13 हजार 250 रूपये की राशि प्राप्त हुई, साथ ही 6410 रूपये बोनस भी मिला। लाड़कुई वन समिति सीहोर के ध्यानसिंह मांगीलाल ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को बताया कि उसे तेंदूपत्ता संग्रहण से 6 हजार रूपये तथा महुआ फूल विक्रय से 13 हजार 300 रूपये की राशि प्राप्त हुई। वन समिति विशनवाड़ा-2, गुना के श्री कप्तान सिंह को तेंदूपत्ता संग्रहण से 6000 रूपये तथा बोनस के 9000 रूपये मिले।

उचित मूल्य राशन से कोई गरीब वंचित न रहे

आगामी 1 सितम्बर से प्रदेश के छूटे हुए 37 लाख गरीब परिवारों को रियायती दर पर गेहूँ, चावल, आयोडीन नमक, कैरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि इस योजना के लाभ से कोई गरीब वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।

विंध्य हर्बल रोग प्रतिरोधी किट को लॉन्च किया

मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ के बरखेड़ा पठानी प्रसंस्करण केन्द्र द्वारा तैयार किए गए 'विंध्य हर्बल रोग प्रतिरोधी किट' को लॉन्च किया। इस किट में 8 प्रकार की आयुर्वेदिक रोग प्रतिरोधक दवाएं हैं,जिनका कुल मूल्य 480 रूपये रखा गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इसमें शामिल त्रिकटु चूर्ण, गिलोय चूर्ण, संशमनी वटी, अणु तेल, कालमेघ चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, वनीय शहद तथा अर्जुन हर्बल चाय सभी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है।

14 वनोपजों के समर्थन मूल्य में वृद्धि

क्र. लघु वनोपज  पुराना  समर्थन मूल्य दर

1 अचार गुठली  109         130

2 बहेड़ा           17              25 

3 हर्रा              15              20

4 बेलगूदा         27             30

5 चकोडा बीज   14             20

6 शहद             195         225

7 करंज बीज     35            40

8 लाख कुसमी   203         275

9 लाख रंगीनी   130         200

10 महुआ गुल्ली 30          35

11 महुआ फूल 30           35

12 नीम बीज 23             30

13 नागरमोथा 27           35 

14 साल बीज 20            20 

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