शराब और सोडा से भी ज्यादा खतरनाक हैं एनर्जी ड्रिंक्स, जानें क्यों?

क्या आप भी एनर्जी ड्रिंक्स पीते है, तो सावधान हो जाए। क्योंकि इसको पीना शराब और सोडा पीने से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

Update: 2026-02-04 13:04 GMT

आजकल लोग तुरंत एनर्जी महसूस करना चाहते हैं। इसके लिए लोग दो मिनट में एनर्जी पाने की चाहत में बाजार में मिलने वाली एनर्जी ड्रिंक्स पी लेते हैं। ये ड्रिंक्स आपकी बॉडी को तुरंत एनर्जी का एहसास तो देते हैं, लेकिन इनके भीतर मौजूद शुगर और कैफीन की अधिक  मात्रा किडनी के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

आपको बता दें, एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन, शुगर और प्रिजर्वेटिव्स मिलाया जाता है। जिससे सीधे किडनी पर अतिरिक्त दबाव (एक्सेस प्रेशर) बनता है। लंबे समय तक इसे पीने से किडनी की टॉक्सिन्स फिल्टर करने की कैपेसिटी को नुकसान पहुंचा सकता है और बॉडी में सूजन (Swelling) या इन्फ्लेमेशन बढ़ा सकता है।

 एनर्जी ड्रिंक पीने से खतरा

डॉक्टर के मुताबिक डेली एनर्जी ड्रिंक पीने से किडनी पर काम (work) का बोझ बढ़ता है। जिसकी वजह से किडनी पर दबाव बनेगा और थकावट आयेगी। इसके अलावा यह एनर्जी ड्रिंक्स लीवर और हार्ट पर भी इफेक्ट डालती हैं। कई मामलों में ऐसा भी देखा गया है कि यह  ड्रिंक्स अल्कोहल और सोड़ा से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो जाती हैं। 

ऐसा हो सकता है क्योंकि शराब किडनी को डिहाइड्रेट करती है, सोडा शुगर लोड बढ़ाता है। लेकिन इन एनर्जी ड्रिंक्स में दोनों ही चीजें होती हैं। क्योंकि यह ड्रिंक्स डिहाइड्रेशन और ब्लड शुगर दोनों को ही बढ़ा सकता हैं। 

एनर्जी ड्रिंक्स किडनी को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?

आपको बता दें कि एनर्जी ड्रिंक्स में हाई फ्रुक्टोज कॉर्न शुगर, कैफीन, टॉरिन, आर्टिफिशियल स्वीटनर और सोडियम बेंजोएट जैसे  होते हैं। ये किडनी सेल्स में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं। जिससे सेल्स कमजोर हो जाती हैं। इन केमिकल्स की वजह से किडनी फिल्टर करने से थक जाती हैं और ड्रिंक्स को बार-बार पीने से और धीरे-धीरे क्रॉनिक किडनी प्रॉब्लम की संभावना बढ़ जाती है।

हाई फ्रुक्टोज कॉर्न शुगर के प्रभाव:

आपको बता दें, हाई फ्रुक्टोज कॉर्न शुगर से बॉडी में बहुत से बदल हो सकते हैं। 

  • यूरिक एसिड तेजी से बढ़ता है। जिससे किडनी पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है।
  • किडनी में सूजन (Swelling) और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
  • फैटी किडनी और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या शुरू हो सकती है।

यह मेटाबॉलिज्म को एक तरह का धोखा देता है। इससे वास्तविक एनर्जी नहीं  मिलती है। आपको बता दें, इंसुलिन रेजिस्टेंस और फैटी लीवर का रिस्क बढ़ाती है। जिससे किडनी और बॉडी पर सीधे असर पड़ता है। 

केमिकल फैक्ट्री में तैयार ड्रिंक पीना अपकी हेल्थ और किडनी के लिए बेहद रिस्की हो सकता है। क्योंकि घर पर बनाई जानी वाली एनर्जी ड्रिंक्स में किसी भी तरह के कोई केमिकल्स नहीं मिलाए जाते हैं। जिसकी वजह से यह ड्रिंक्स आसानी से पच भी जाती हैं। लेकिन फैक्ट्रीयों में बनाई जाने वाली एनर्जी ड्रिंक्स में सिंथेटिक केमिकल होते हैं। जिन्हें फिल्टर करने में कडनी को बहुत मेहनत करनी पड़ती है। अब आपके दिमाग में आ रहा होगा कि एनर्जी ड्रिंक्स के बाद ऐसा क्यों लगता है कि आपको एनर्जी मिली हैं। 

एनर्जी ड्रिंक्स पीने के बाद क्यों महसूस होती है झूठी एनर्जी?

कैफीन और अन्य स्टिमुलेंट्स ब्रेन के fatigue signals को ब्लॉक कर देते हैं। इसलिए दिमाग को लगता है कि शरीर active है, जबकि muscles और ऑर्गन्स थके हुए रहते हैं। इस तरह शरीर अपनी limit से ज्यादा काम करता है और किडनी जैसी महत्वपूर्ण ऑर्गन्स पर ओवरलोड पड़ता है। अब यह भी जान लिजिए की कैसे आप अपनी किडनी को सुरक्षित रख सकते हैं। 

  • जितना हो सके एनर्जी ड्रिंक्स बिलकूल भी न पीएं। 
  • रोजाना 2.5-3 लीटर पानी पिएं।
  • जितना हो सके फास्ट फूड न खाएं। 
  • साथ ही, ब्लड प्रेशर और किडनी टेस्ट करवाएं। 
  • कैफीन का सेवन सीमित करें।
  • किसी भी तरह की कोई बॉडी में कोई प्रॉब्लम लगे, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

चलिए अब आपको बता देते हैं कि एनर्जी ड्रिंक्स की जगह आपको कौन सी ड्रिंक्स पीनी चाहिए। आप लेमन वाटर, कोकोनट वाटर, छाछ, फल, ड्राई फ्रूट्स जैसे नेचुरल एनर्जी ड्रिंक्स पी सकते हैं।  

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