चाइनीज मांझा होता है जानलेवा? जानिए इसकी खतरनाक सच्चाई

चाइनीज मांझा कैसे बनता है, क्या आपको पता है?

Update: 2026-01-14 13:13 GMT

मकर संक्रांति आते ही देशभर में पतंगबाज़ी का माहौल बन जाता है। छतों पर बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, हर कोई पतंग उड़ाने और दूसरों की पतंग काटने की होड़ में जुट जाता है। इसी जीत की चाहत में लोग बेहद मजबूत मांझे का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यही मजबूत मांझा जीत की खुशियों को कई बार मातम में बदल देता है। जिससे हर साल कई लोगों की जान चली जाती हैं। 

जाने आखिर ऐसा क्या होता है इस चाइनीज मांझे में जो इसे इतना घातक बना देता है? जाने इस आर्टिकल में....

मांझे की बेस डोरी

चाइनीज मांझे की शुरुआत एक साधारण दिखने वाली डोरी से होती है। यह डोरी आमतौर पर कपास या सिंथेटिक फाइबर से तैयार की जाती है। इसके बाद इसे खास प्रोसेस से गुजारा जाता है ताकि यह तेज़ हवा, ज़ोरदार खिंचाव और तेज़ रफ्तार को आसानी से सह सके। देखने में यह मामूली धागा लगता है, लेकिन यही धागा बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा मजबूत रहता है।

घिसाई वाला लेप

अगले चरण में डोरी पर एक खास तरह का घिसाई वाला लेप चढ़ाया जाता है। यह लेप मांझे की सतह को खुरदरा और धारदार बना देता है। लेप सूखने के बाद धागा न केवल और मजबूत हो जाता है, बल्कि उसमें काटने की क्षमता भी कई गुना बढ़ जाती है।

सुखाने और खींचने की प्रक्रिया

लेप लगाने के बाद मांझे को फैलाकर सुखाया जाता है। इस दौरान डोरी को लगातार खींचा जाता है, जिससे वह सीधी और बेहद टाइट बनी रहे। इस प्रक्रिया से मांझे की मजबूती और धार दोनों बढ़ जाती हैं, जिससे वह पतंग उड़ाने के दौरान अधिक खतरनाक साबित होता है।

कांच के कणों का इस्तेमाल

चाइनीज मांझे को जानलेवा बनाने में सबसे बड़ी भूमिका कांच के बारीक कणों की होती है। कांच को बारीक पीसकर मांझे पर लगाया जाता है। यही कांच के कण मांझे को ब्लेड जैसी धार देते हैं। जब यह मांझा हवा में तेज़ रफ्तार से गुजरता है, तो यह इंसानी त्वचा को बेहद आसानी से काट देता है। बाहर से यह सिर्फ एक धागा दिखता है, लेकिन इसकी सतह बेहद खतरनाक होती है।

नायलॉन का प्रयोग

कई मामलों में चाइनीज मांझे में नायलॉन का भी इस्तेमाल किया जाता है। नायलॉन एक सिंथेटिक धागा है, जो सूती या रेशमी धागे की तुलना में कहीं अधिक मजबूत होता है। यह आसानी से टूटता नहीं और तेज़ खिंचाव को भी सहन कर लेता है। इसी वजह से यह मांझा लंबे समय तक हवा में टिका रहता है और खतरा और बढ़ जाता है।

रील और डिजाइन

आख़िरी में मांझे को खास रील पर लपेटा जाता है। रील और मांझे का डिजाइन ऐसा होता है कि धागा बेहद तेज़ी से बाहर निकले और उस पर पूरा नियंत्रण बना रहे। यही तेज़ी और मजबूती इसे साधारण पतंगबाज़ी से कहीं ज्यादा संवेदनशील और खतरनाक बना देती है। ज्यादा अच्छा दिखाने के लिए इसपर अलग-अलग तरह के रंग लगाये जाते है।

वर्तमान समय में यही चाइनीज मांझा लोगों की जान लेता हैं। जिसकी चपेट में आने से हर साल कई लोगों की जान चली जाती हैं। इसलिए जरूरी है कि पतंगबाज़ी के दौरान सुरक्षित और पारंपरिक सूती मांझे का ही इस्तेमाल किया जाए और इस खतरनाक मांझे से दूरी बनाई जाए।

 

Tags:    

Similar News