जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी से बिगड़े हालात, श्रीनगर एयरपोर्ट की 50 उड़ानें रद, NH-44 बंद
जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर मौसम ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. घाटी के कई इलाकों में लगातार स्नोफॉल हो रहा है, जिससे हवाई और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कुपवाड़ा, पुलवामा समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ जमने से हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं.भारी बर्फबारी के चलते श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कुल 50 उड़ानें रद कर दी गई हैं. इनमें 25 आगमन और 25 प्रस्थान वाली फ्लाइट्स शामिल हैं.
खराब मौसम से एयर ट्रैफिक ठप
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के मुताबिक, लगातार बर्फबारी और रनवे पर जमा बर्फ के कारण एयरलाइंस को उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. अधिकारियों ने यात्रियों से कहा है कि वे यात्रा से पहले अपनी-अपनी एयरलाइंस से संपर्क कर लेटेस्ट अपडेट और वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी जरूर लें. उड़ानों के रद होने से सैकड़ों पर्यटक घाटी में फंस गए हैं, जो वीकेंड और गणतंत्र दिवस की छुट्टियां मनाने के बाद लौटने वाले थे. होटल और ट्रैवल एजेंसियों में भी पूछताछ बढ़ गई है.
जम्मू-श्रीनगर हाईवे समेत कई सड़कें बंद
सिर्फ हवाई नहीं, बल्कि सड़क संपर्क भी पूरी तरह प्रभावित हुआ है. नवयुग टनल और आसपास के इलाकों में ताजा बर्फबारी के चलते रणनीतिक जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) को मंगलवार को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया.
अगले आदेश तक आवाजाही पर रोक
एक सीनियर ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगले आदेश तक जम्मू से श्रीनगर या श्रीनगर से जम्मू की ओर किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.NH-44 के अलावा, खराब मौसम और फिसलन भरी सड़कों के कारण मुगल रोड, एसएसजी रोड और सिंथन रोड को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है.
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर ने पहले ही जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया था.विभाग के अनुसार, सोमवार देर शाम से मंगलवार तक कुछ इलाकों में भारी बारिश और स्नोफॉल के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा भी जताया गया है. प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने को कहा है.