महाशिवरात्रि से पहले शिवमय हुई काशी, गणेश पूजन से महोत्सव का शुभारंभ
महाशिवरात्रि से पहले काशी शिवमय, गणेश पूजन से महोत्सव का शुभारंभ। मथुरा से आएगा बाबा काशी विश्वनाथ का विवाह श्रृंगार।
वाराणसी। महाशिवरात्रि की आहट के साथ ही काशी में भक्ति और उल्लास का माहौल बनने लगा है। हर तरफ़ “हर-हर महादेव” के जयघोष सुनाई दे रहे हैं और श्री काशी विश्वनाथ धाम पूरी तरह शिवमय होता जा रहा है। महाशिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों का विधिवत शुभारंभ गणेश पूजन के साथ किया गया। प्रथम पूज्य भगवान गणेश का पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ, ताकि महोत्सव निर्विघ्न और भव्य रूप से संपन्न हो सके।
काशी विश्वनाथ धाम में विधि-विधान से पूजन
इस अवसर पर मंदिर न्यास की ओर से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने धाम परिसर में विराजमान गौरी नंदन भगवान गणेश का विधिपूर्वक पूजन-अर्चन किया। पूजन के दौरान महाशिवरात्रि पर्व के शांतिपूर्ण और भव्य आयोजन की कामना की गई। धाम परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
मथुरा से आएगा बाबा काशी विश्वनाथ का विवाह श्रृंगार
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव के विवाह की परंपरा का पालन करते हुए बाबा काशी विश्वनाथ के लिए विशेष विवाह सामग्री मथुरा से काशी भेजी जाएगी। यह विवाह सामग्री भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से तैयार की गई है। विवाह सामग्री में शामिल होंगी ये वस्तुएं शामिल हैं
- नेग और पंचमेवा
- फलाहारी चढ़ावा
- पारंपरिक वस्त्र
- आभूषण
- बाबा के श्रृंगार से जुड़ी पूजन सामग्री
8 फरवरी को मथुरा से होगी विदाई, 9 को पहुंचेगी काशी
मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि 8 फरवरी को सूर्योदय के बाद सुसज्जित ट्रक के माध्यम से यह विवाह सामग्री मथुरा से वाराणसी के लिए रवाना की जाएगी। यह सामग्री 9 फरवरी को श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेगी। मथुरा में सामग्री की विदाई के समय विशेष धार्मिक वातावरण देखने को मिलेगा। ब्रजवासी हरि-हर स्वरूप का स्मरण करते हुए पुष्पवर्षा और भक्ति भाव के साथ बाबा के विवाह श्रृंगार को काशी के लिए विदा करेंगे।
विवाह सामग्री आते ही तेज होंगी तैयारियां
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि यह परंपरा महाशिवरात्रि महोत्सव की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक भव्य बनाती है। विवाह सामग्री के काशी पहुंचते ही शिव विवाह उत्सव की तैयारियां और तेज़ कर दी जाएंगी।