ग्राउंड पर विमानों की आवाजाही होगी सुरक्षित, सुधारों से यात्रियों को मिलेगी सुविधा
लेह के बेहद चुनौतीपूर्ण और ऊंचाई वाले क्षेत्र में रनवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना पूरी कर ली गई है। इससे ग्राउंड पर विमानों की जमीनी आवाजाही को आसान और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। वहीं, लेह से नागरिक उड़ानों का प्रस्थान भी तेज होगा।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यहां अपग्रेड किए गए रनवे और हवाई अड्डा सुविधाओं से नागरिक उड्डयन सेवाओं में उल्लेखनीय इजाफा होगा। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि एयर फोर्स स्टेशन लेह में नागरिक विमानन बुनियादी ढांचे को विकसित करने के उद्देश्य से एक परियोजना का उद्घाटन किया गया है। बेहद चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाले क्षेत्र और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बावजूद बुनियादी ढांचे का रिकॉर्ड समय में उन्नयन किया गया है।
विश्वसनीय सेवाएं सुनिश्चित करेंगी सुविधाएं
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि विकसित किया गया बुनियादी ढांचा विमानों की जमीनी आवाजाही को आसान बनाने के साथ-साथ नागरिक उड़ानों के प्रस्थान को तेज करेगा। इन सुधारों से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और समय की बचत होगी। बेहतर वायु संपर्क लेह क्षेत्र में पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक अवसरों का सृजन करेगा। यह स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने में भी सहायक होगा। साथ ही उपलब्ध कराई गई बेहतर सुविधाएं स्थानीय निवासियों और आगंतुकों दोनों के लिए अधिक विश्वसनीय हवाई सेवाएं सुनिश्चित करेंगी।
आपदा राहत में भी मिलेगी मदद
लेह में इस विमानन बुनियादी ढांचे के विकसित होने से मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों में भी सहायता मिलेगी। कुछ महीने पहले ही लद्दाख की बर्फ से ढंकी खतरनाक चोटियों पर दो विदेशी नागरिकों के फंसने का एक गंभीर मामला सामने आया था। अक्टूबर महीने में लद्दाख में दो कोरियाई नागरिक 17 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाली चोटी पर फंस गए थे. घटना की जानकारी मिलते ही बिना देरी किए रात के घुप अंधेरे में एक अत्यंत संवेदनशील और साहसिक ऑपरेशन चलाया गया। कड़ी मेहनत के बाद दोनों विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें तुरंत और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सका।