लोकसभा सोमवार तक स्थगित; बिट्टू का राहुल पर तंज- PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे
लोकसभा में लगातार नारेबाजी के चलते कार्यवाही सोमवार तक स्थगित। मंत्री बिट्टू का राहुल गांधी पर तंज, विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन।
नई दिल्ली। बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को भी संसद में सियासी घमासान थमता नजर नहीं आया। लोकसभा में नारेबाजी और हंगामे के चलते कार्यवाही दो बार शुरू हुई, लेकिन पहली बार सिर्फ 3 मिनट और दूसरी बार करीब 7 मिनट ही चल सकी। इसके बाद लोकसभा को सोमवार, 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया। हालांकि राज्यसभा की कार्यवाही चलती रही, जहां अलग-अलग मुद्दों पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली।
पोस्टर, नारे और प्रदर्शन, विपक्ष हमलावर
लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर विरोध जताया। कई सांसद हाथों में पोस्टर लेकर ‘ट्रैप डील’ और ‘नरेंदर-सरेंडर’ जैसे नारे लगाते नजर आए। निलंबित विपक्षी सांसद संसद परिसर के बाहर भी प्रदर्शन करते दिखे। स्पीकर की अपील के बावजूद नारेबाजी नहीं रुकी, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
बिट्टू का राहुल गांधी पर तंज
हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का बयान सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, कल सबने राहुल गांधी को बालक कहा। आज प्रधानमंत्री की पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को बताया गया कि कामयाब कैसे हुआ जाता है। अगर राहुल गांधी भी पीएम की पाठशाला में चले जाएं, तो जिंदगी में कामयाब हो जाएंगे। दरअसल, इससे पहले राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार’ कहा था, जिस पर भाजपा सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई और माफी की मांग की।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पास
गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास कर दिया गया था। लोकसभा में यह प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री के भाषण के पास हुआ, जो 2004 के बाद पहली बार हुआ है। वहीं राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद प्रस्ताव पारित किया गया।
राज्यसभा में भी बयानबाजी तेज
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में सिर्फ कांग्रेस को गाली देने का काम किया गया है। इसके जवाब में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने नेहरू-गांधी परिवार को देश की समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा शिवसेना (UBT), समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सांसदों ने पूर्व प्रधानमंत्रियों पर की गई टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।