सरकारी कर्मचारी और उनके आश्रितों को निजी अस्पतालों में भी मिलेगी उपचार सुविधा

Update: 2020-11-09 13:30 GMT

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शासकीय सेवकों और उनके परिवार के आश्रित सदस्यों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के अन्दर शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों एवं उनके परिवार के आश्रित सदस्य मान्यता प्राप्त 93 निजी चिकित्सालयों में जांच एवं उपचार करवा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मीडिया को जारी अपने बयान में यह जानकारी देते हुए कहा है कि शासकीय सेवकों को पूर्व में निजी चिकित्सालयों में उपचार करवाने पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति नहीं हो पाती थी। अब शासकीय अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न बीमारियों का उपचार शासन द्वारा चिन्हित निजी चिकित्सालयों में करवा कर चिकित्सा प्रतिपूर्ति भी प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन निजी चिकित्सालयों को शासकीय कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों के उपचार के लिए चिन्हित किया गया है, उनमें गंभीर बीमारियों में किडनी ट्रांसप्लान्ट, होमो डायलेसिस, केंसर रोग, हिप,-नी-एल्बो सोल्डर आंशिक रिप्लेसमेंट, मेमोग्राफी, एम.आर.आई. सिटी स्केन, कोकालियर इम्पप्लान्ट हृदय रोग, हेड इन्जयूरी, न्यूरो सर्जरी, स्पाईनल सर्जरी है। जैसी अन्य बीमारियाँ का उपचार और जाँच करवाई जा सकेंगी। जाँच एवं उपचार के पश्चात शासकीय कर्मी अपने विभाग में चिकित्सा प्रतिपूर्ति भी ले सकेगा।

कर्मचारियों को त्यौहार अग्रिम और एरियर्स भुगतान

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के हित में दीपावली पर्व के पूर्व एरियर्स और त्यौहार अग्रिम उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। शासन द्वारा सातवें वेतन की तीसरी किश्त का 25 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 10 हजार रुपये त्यौहार अग्रिम देने के आदेश जारी कर दिये गये हैं। विभिन्न विभागों के अधिकारियो-कर्मचारियों को यह राशि दीपावली के पहले मिल जायेगी। राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित में यह भी निर्णय लिया है कि त्यौहार अग्रिम के देयक कोषालय में ऑफ लाइन लगेंगे, जिससे समय पर कर्मचारियों को त्यौहार अग्रिम मिल जाए। सातवें वेतनमान के एरियर्स की राशि भुगतान की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। इस प्रकार दीपावली के पूर्व 775 करोड़ रुपये अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेंगे। इसके अतिरिक्त निगम मंडल के कर्मचारियों को भी त्यौहार अग्रिम और एरियर्स के भुगतान के लिये 150 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

कोरोना की जांच एवं उपचार में भी सुविधा

सरकारी कर्मचारियों एवं उनके परिवार के आश्रित सदस्य जो आपदा कोविड-19 से संक्रमित होते है। उनके इलाज के लिए मध्य प्रदेश के समस्त जिलों के अशासकीय निजी चिकित्सालय ( नर्सिग होम एक्ट के तहत पंजीकृत निजी चिकित्सालय ) को भी स्वीकृति दी गई है। इन अस्पतालों में उपचार के बाद चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति होगी। शासकीय सेवक कोविड-19 इलाज के चिकित्सा देयक अपने विभाग के माध्यम से जिले के सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक मध्यप्रदेश के प्रतिहस्ताक्षर कराने के उपरांत शासकीय सेवक के संबंधित विभाग द्वारा ऐसे चिकित्सा देयकों में नियमानुसार भुगतान की कार्यवाही किये जाने के आदेश भी पूर्व में जारी किया 




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