नक्सलमुक्त की ओर बीजापुर! 52 नक्सलियों ने डाले हथियार, 1.49 करोड़ था ईनाम

नक्सल प्रभावित बीजापुर में नक्सलवाद के खात्म की बड़ी जानकारी सामने आई है। 1.45 करोड़ के ईनामी 52 नक्सलियों ने हथियार डाले।

Update: 2026-01-15 16:08 GMT

बीजापुरः केंद्र सरकार के नक्सलमुक्त भारत 2026 के तहत छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिल रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खात्मे को लेकर बड़ी सफलता मिल रही है। नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में गुरुवार के दिन 52 नक्सलियों ने लाल आतंक का रास्ता छोड़कर मुख्य धारा में लौटने का फैसला किया है।

दरअसल, बीजापुर में 52 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में से 49 नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 45 लाख रुपए का ईनाम रखा गया था। इसके पहले सुकमा में नक्सल उन्मूलन अभियान के चलते 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने का फैसला किया था। अब बीजापुर में 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह घटना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

एसपी के सामने डाले हथियार

बीजापुर एसपी और सीआरपीएफ अफसरों के सामने इन 52 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में DVCM, PPCM, ACM,डिवीजन ब्यूरो पार्टी सदस्य, मिलिशिया कमांडर, PLGA और अलग-अलग जनताना सरकार पदाधिकारी शामिल है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 21 महिलाएं और 31 पुरुष हैं।

'पूना मारगेम' योजना का असर

इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों का सरेंडर राज्य सरकार की 'पूजा मारगेम:पुनर्वास से पुनर्जीवन' अभियान के तहत हुआ है। इस योजना का उद्देश्य नक्सलियों को हिंसा छोड़कर समाज में वापस लाना है। इसी योजना के चलते 52 नक्सलियों को मुख्य धारा में शामिल किया गया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शासन की तरफ से प्रत्येक को 50000 रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है।

क्रमांकसरेंडर करने वाले नक्सलियों के नामघोषित किया गया ईनाम (लाख में)
1

चिन्नी सोढ़ी उर्फ शांति

8 लाख

2

लक्खू कारम उर्फ अनिल

8 लाख

3

लक्ष्मी माड़वी उर्फ रत्ना

8 लाख

4

भीमा कारम

5 लाख

5

विष्णु मण्डावी उर्फ किरण उर्फ मोती

5 लाख

6

मोती कोरसा

5 लाख

7

हुंगी कारम उर्फ अंजली

5 लाख

8

आयतू हपका


5 लाख

9

कमला भोगाम

5 लाख

10

ललिता मुचाकी

5 लाख

11

गौरी कुड़ियम उर्फ गीता उर्फ अन्नू

5 लाख

12

बोदी हेमला उर्फ अनुशा

5 लाख

13

बाबू अंगनपल्ली उर्फ अनिल

5 लाख

14

सुखराम कुड़ियम

5 लाख

15

लक्की ओयाम

5 लाख

16

पण्डरू पोटाम

5 लाख

17

रत्तू ओयाम उर्फ रतन

2 लाख

18

मुन्ना पोड़ियम

2 लाख

19

मोटू मिडियम

2 लाख

20

मंगली मिडियम

2 लाख

21

कोपे माड़वी उर्फ सामो

2 लाख

22

आयतू कारम

2 लाख

23

मिटकी पुनेम उर्फ समीरा

2 लाख

24

हुंगी माड़वी

2 लाख

25

सुकमन वेको

2 लाख

26

अंदो मिच्चा

2 लाख

27

मोटी फरसीक

2 लाख

28

मुडा माड़वी

2 लाख

29

चैतू कुंजाम उर्फ देवा

2 लाख

30

सम्मैया तलाण्डी

2 लाख

31

रमेश उद्दे

2 लाख

32

हुंगा कर्मा

2 लाख

33

बिक्का गोटा

2 लाख

34

भीमा माड़वी

2 लाख

35

कोपे कड़ती 

1 लाख

36

पण्डरू फरसा उर्फ बण्डे 

1 लाख

37

मूडो पोयाम उर्फ अनिता 

1 लाख

38

पायके कोवासी 

1 लाख

39

कन्हैया गोटा उर्फ कन्ना

1 लाख

40

बदरू कुरसम 

1 लाख

41

आयतू उईका 

1 लाख

42

विनोद कुरसम 

1 लाख

43

हड़मा कुहराम उर्फ वक्के 

1 लाख

44

सम्मा तलाण्डी 

1 लाख

45

कमली माड़वी  

1 लाख

46

आयती कारम उर्फ पुनीता 

1 लाख

47

सोनी कारम

1 लाख


48

राजेन्द्र कवासी उर्फ जोगा 

1 लाख

49

मल्लेश कारम उर्फ भीमा


50

सुदेश उईका उर्फ मुन्ना



अब तक नक्सलियों के सरेंडर के आंकड़े

बीजापुर जिले में 1 जनवरी 2024 से अब तक 876 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं। वहीं, इसी अवधि में 1126 नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि 223 एनकाउंटर में मारे गए हैं। बीजापुर एसपी डॉ जितेंद्र कुमार यादव ने नक्सलियों को भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।

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