5.71 करोड़ का धान हुआ पार, क्या चूहे-चिड़िया-दीमक जिम्मेदार

Update: 2026-01-12 05:30 GMT

कबीरधाम के बाद बागबाहरा में भी 18 हजार क्विंटल धान गायब

महासमुंद जिले के बागबाहरा में भी करीब 18,433 क्विंटल धान गायब हो गया है। कबीरधाम की तरह महासमुंद के संग्रहण केंद्र से भी गायब हुए इस धान के लिए चूहे, दीमक और चिड़ियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। 10 महीने में गायब हुए इस धान की कीमत लगभग 5.71 करोड़ रुपए बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले कबीरधाम में सात करोड़ रुपए का धान चूहों द्वारा खाने की बात सामने आ चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार स्टॉक में एक प्रतिशत की कमी आने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है। दो प्रतिशत तक की कमी आने पर विभागीय जांच की जाती है।

10 महीनों में स्टॉक में 3.65% की कमी

बागबाहरा धान संग्रहण प्रभारी ने बताया कि 2024-25 में 12.63 लाख बोरा धान आया था। आवक के समय 17 प्रतिशत नमी वाला धान लिया गया, जबकि जावक के समय नमी 10-11 प्रतिशत रह गई।

संग्रहण केंद्र में दीमक, कीट, चिड़िया और चूहे धान खा गए। वहीं, बारिश के कारण कीचड़ में धान खराब हो गया। 10 माह तक संग्रहण केंद्र में धान रुका होने के कारण स्टॉक में 3.65 प्रतिशत की कमी आई।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

इस मामले पर महासमुंद कलेक्टर विनय लंगेह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि फिलहाल उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है.उन्होंने कहा कि मार्कफेड के डीएमओ से जानकारी ली जाएगी। अगर गड़बड़ी मिलती है या मामला बनता है, तो नियमों के अनुसार निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय निर्देशों के अनुसार, 3.65 प्रतिशत से अधिक कमी आने पर तत्काल निलंबन, विभागीय जांच और एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। हालांकि, बागबाहरा केंद्र में 3.65 प्रतिशत कमी के बावजूद अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई और प्रशासन की गंभीरता भी नहीं दिखाई दे रही है।


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