बस्तर में गरीबों का राशन सड़ता रहा, सिस्टम सोता रहा: चिंतलनार से गीदम तक लापरवाही की कहानी

Update: 2026-01-14 04:33 GMT

चिंतलनार में 35 लाख और गीदम में 18 करोड़ का चावल हुआ खराब

बस्तर संभाग में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का बंटाधार हो गया है। गरीबों को उनके हक का राशन नहीं मिल पा रहा है। पीडीएस दुकान संचालकों पर राशन की कालाबाजारी के आरोप हैं, वहीं आपूर्ति विभाग और खाद्य विभाग की घोर लापरवाही के चलते कहीं लाखों तो कहीं करोड़ों रुपये का राशन सड़ गया है।

संभाग के सुकमा जिले में 35 लाख रुपये और दंतेवाड़ा जिले में 18 करोड़ रुपये मूल्य का चावल खराब हो चुका है। बस्तर जिले में भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं।

सरकार पीडीएस में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के दावे करती नहीं थकती, लेकिन यह दावे सिर्फ बयानबाजी और मंचों तक ही सीमित रह गए हैं। सुकमा जिले की दो पंचायतों के सैकड़ों परिवारों के हिस्से का राशन जिले के चिंतलनार गोदाम में पड़े-पड़े सड़ गया। यह राशन 35 लाख रुपये से अधिक मूल्य का था, जिसमें चावल, शक्कर, गुड़ और चना शामिल था।

हालांकि दो वर्षों में भी जिला प्रशासन यह तय नहीं कर पाया कि किस अधिकारी की लापरवाही से लाखों रुपये का राशन खराब हुआ। सड़े चावल की गुणवत्ता जांच रायपुर की लैब में कराई गई थी, जिसमें यह चावल मानव उपयोग के योग्य नहीं पाया गया।

अब विभाग इस चावल को नीलाम करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन खरीदार नहीं मिलने के कारण चावल गोदाम में ही पड़ा हुआ है। सुकमा जिले में दो कलेक्टर बदले जा चुके हैं, लेकिन इस गंभीर मामले की जांच अब तक पूरी नहीं हो पाई है। उधर, दंतेवाड़ा जिले के गीदम वेयरहाउस में 18 करोड़ रुपये मूल्य का चावल रखरखाव के अभाव में खराब हो चुका है।

बस्तर में बांटा जा रहा घटिया चावल

इधर, बस्तर जिले की कई राशन दुकानों में घटिया और अमानक चावल का वितरण किया जा रहा है। बकावंड ब्लॉक की कई राशन दुकानों में चावल में फफूंद लगी हुई पाई गई। यही अमानक चावल गरीबों को वितरित किया जा रहा था। कई कार्डधारकों ने इस पर आपत्ति भी दर्ज कराई, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

जानकारी के अनुसार, जैन राइस मिल धमतरी के लॉट नंबर 32421 (मिल आईडी एमए591708) और विमल राइस मिल धमतरी के लॉट नंबर 18153 (मिल आईडी 597451) का चावल अमानक स्तर का पाया गया है। वहीं नमक के पैकेटों पर पैकिंग तिथि भी अंकित नहीं है। बस्तर अंचल में पीडीएस प्रणाली ने विपक्ष को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा दे दिया है।

नहीं मिल रहे खरीदार

मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में चिंतलनार में लगभग 9 लाख रुपये मूल्य का चावल नष्ट किया जा चुका है। अब 35 लाख रुपये के चावल को नष्ट करने की तैयारी की जा रही है। यह चावल पूरी तरह सड़ चुका है और मानव उपयोग के योग्य नहीं है। ऐसे में सड़े चावल को नीलाम करने के लिए दो बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन कोई खरीदार सामने नहीं आया। अब इसे नष्ट करना ही एकमात्र विकल्प बचा है।

दो कलेक्टर बदले, अब तीसरे की बारी

चावल सड़ने के मामले को लेकर दो कलेक्टरों को अवगत कराया गया, लेकिन किसी ने इस बात पर गंभीरता नहीं दिखाई कि गरीबों का राशन आखिर कैसे सड़ गया। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने के लिए रिश्तेदारी निभाई गई और कार्रवाई के बजाय उन्हीं अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई।

इस मामले में दीनदयाल उपाध्याय वार्ड के पार्षद और वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश गुप्ता ने राशन की कालाबाजारी की पुष्टि करते हुए कहा कि इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। नगर निगम जगदलपुर के कई मंचों पर भी यह मुद्दा उठ चुका है। अब जिले के नए तेजतर्रार आईएएस अधिकारी के संज्ञान में भी यह मामला लाया गया है।

शिकायत कर चुके हैं गुप्ता

नगर निगम काउंसिल में जल विभाग के सभापति सुरेश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने राशन वितरण में गड़बड़ी और लापरवाही की शिकायत कई बार संबंधित विभागों में दर्ज कराई है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

मामले की जांच के संबंध में संबंधित विभाग को निर्देशित कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

- अमित कुमार, कलेक्टर सुकमा

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