महान वैज्ञानिक अल्वर्ट आइंस्टीन कहते हैं, कंपाउंडिंग दुनिया का आठवां अजूबा है। निवेश के समय पर उनकी यह बात सटीक बैठती है। कंपाउंडिंग को चक्रवृद्धि ब्याज की तरह मानिए। निवेश चक्रवृद्धि ब्याज से कई गुना बढ़ जाते हैं। इसका मतलब है, आपको निवेश पर प्रतिफल मिलता है और फिर इसी मिलता है। यह चक्र लगातार चलता है। जल्दी निवेश शुरू करने से आपके पैसे को बढ़ने के लिए अधिक समय मिलता है। यही कारण है कि चक्रवृद्धि ब्याज धन सृजन का एक महत्वपूर्ण कारण है।
बाजार की अस्थिरता को कम करें: बाजार ऊपर-नीचे होते रहते हैं-आज ऊपर और कल नीचे हो सकते हैं। लेकिन समय आपके पक्ष में होने से कई बार अल्पकालिक उतार-चढ़ाव कम नाटकीय लगते हैं। जल्दी निवेश शुरू करने से आपको निवेश के लिए एक लंबा समय मिलता है। इसका मतलब है कि आपके पास उतार-चढ़ाव को झेलने और अपने निवेश को संभावित रूप से बढ़ने देने के लिए अधिक समय होता है.
निवेश की आदतः निवेश में वृद्धि के लिए निरंतरता महत्वपूर्ण है। अनुशासित निवेश एक अच्छी वित्तीय आदत है जिसे समय के साथ विकसित करना आवश्यक है। वास्तव में यह किसी भी दीर्घकालिक वित्तीय रणनीति की रीढ़ है। जब आप अपने निवेश को बढ़ते हुए देखेंगे, तो आप अधिक आत्मविश्वासी महसूस करेंगे। आप शोर-शराबे से प्रभावित होना बंद कर देंगे और दीर्घकालिक सोच विकसित करेंगे.
लक्ष्य तय करेंः क्या आप अपना दूसरा या पहला घर खरीदने की योजना बना रहे हैं? क्या आप 40 वर्ष की आयु में अवकाश लेना चाहते हैं? क्या आप अपने बच्चे की विदेश में कॉलेज की पढ़ाई के लिए धन जुटाना चाहते हैं? क्या आप जल्दी सेवानिवृत्त होना चाहते है? बड़े सपनों के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। निवेश आपको वह सहायता प्रदान कर सकता है। इसलिए अभी से शुरुआत करके, आप भविष्य के लिए खुद पर से दबाव कम कर लेते हैं। आप धन जुटाने की भागदौड़ या जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचते हैं। इसके बजाय, आप शातिपूर्वक अपने जीवन के लक्ष्यों की ओर बढ़ सकेंगे.
महंगाई को मात देंः महंगाई एक चोर की तरह है, जो लगातार आपके पैसे की कीमत को कम करती रहती है। जो चीजें आप पाँच साल पहले 100 रुपए में खरीद सकते थे। हो सकता है वही सामान आज 120-125 रुपए में खरीद पाएं। सच यह है, बचत खाते में पड़ा पैसा भी धीरे-धीरे अपनी वास्तविक कीमत खो रहा है। निवेश आपके पैसे को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसका मतलब है कि कीमतें बढ़ती रहने पर भी आपका भविष्य की जीवनशैली आपके लिए सुलभ रहेगी।
सही तरीके से निवेश कैसे शुरू करेंः क्या आप जानते हैं? निवेश शुरू करने का सबसे सही समय हमेशा अभी होता है। इसलिए अपनी मौजूदा आय से शुरुआत। करें, न कि अपनी इच्छाओं से। कोई भी राशि छोटी नहीं होती। महत्वपूर्ण बात है शुरुआत करना । यदि आपके पास 100 रुपए प्रति माह हैं, तो उनसे शुरू करें। यदि आपके पास इससे अधिक हैं, तो बहुत ही बढ़िया । फिर अपने मासिक निवेश को शुरू करें। जैसे जैसे आपको आय बढ़ती है, इसे वार्षिक आधार पर बढ़ाएं।
वित्तीय लक्ष्य बनाएं और उसी के अनुरूप आगे बढ़ेंः हर निवेशक के लक्ष्य एक जैसे नहीं होते। इसीलिए आपको अपने लक्ष्यों के अनुरूप एक व्यक्तिगत योजना बनानी चाहिए। पहले यह तय करें कि आप किस लिए निवेश कर रहे हैं। क्या यह सेवानिवृत्ति, शिक्षा या पहला या दूसरा घर है? सोचें कि आपको पैसे की आवश्यकता कब होगी और आप कितना जोखिम उठाने के लिए तैयार हैं। एक युवा निवेशक के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड अच्छा हो सकता है पर हर एक के लिए नहीं। पहली नौकरी पाने वाले एक युवा के लिए ज्यादा जोखिम लेना आसान हो सकता है। यही जोखिम रिटायमेंट के समय ठीक नहीं होगा कारण इक्विटी में ज्यादा रिटर्न की संभावना के साथ उच्च जोखिम भी होता है। इसलिए ऐसा निवेश विकल्प या उत्पाद चुनें जो आपकी जोखिम उठाने की क्षमता और समय सीमा दोनों के अनुरूप हो।
निवेश शुरू करने का सबसे अच्छा समय अभी है। आज छोटे-छोटे, सोचे-समझे कदम उठाना चाहे वह थोड़ा और सीखना हो, अपनी जोखिम लेने की क्षमता को समझना हो या अपने लक्ष्यों की रूपरेखा तैयार करना हो एक मजबूत नींव बनाता है। जहां आप है, वहीं से शुरुआत करें, जो आपके पास है उसका उपयोग करें और एक-एक समझदारी भरा कदम उठाकर अपने भविष्य पर नियंत्रण रखें।
निवेश कब शुरू करना चाहिए
ज्यादातर लोग सोचते हैं, निवेश को तब तक टाला जा सकता है जब तक उनके पास अधिक पैसा, ज्यादा जानकारी न हो। लेकिन ऐसा कोई सही समय नहीं होता। सच्चाई यह है, कि जो लोग जल्दी शुरुआत करते हैं, वे अक्सर आगे निकल जाते हैं। सभी बड़ी चीजें छोटी शुरुआत से ही संभव होती हैं। इसलिए, सबसे महत्वपूर्ण बात है पहला कदम उठाना। भले ही वह कितना भी छोटा क्यों न हो। यह राशि 50-100 रुपए भी हो सकती है। आजकल निवेश के ऐसे साधन मौजूद हैं, जिनके जरिए एक निवेशक महज 10 रुपए से भी शुरुआत कर सकता है। इसीलिए महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आपके पास निवेश के लिए कितना पैसा है। सवाल यह है, आप उसे कितनी जल्दी और सही जगह निवेश करते हैं। जानते हैं, जल्दी निवेश करने के क्या फायदे हैं।
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म्यूचुअल फंड व्यय अनुपात
व्यय अनुपात, म्यूचुअल फंड के प्रबंधन की लागत है, जिसे फंड की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह शुल्क फंड प्रबंधन, प्रशासन, विपणन और अन्य परिचालन व्यय जैसी लागतों को कवर करता है। भारत में, बाजार नियामक, सेबी, निवेशकों की सुरक्षा के लिए व्यय अनुपात की सीमाएँ निर्धारित करता है। सक्रिय रूप से प्रबंधित इक्विटी फंडों का व्यय अनुपात आमतौर पर अधिक होता है (2 प्रतिशित से 2.5 प्रतिशत), जबकि इंडेक्स फंड और ईटीएफ का अनुपात 0.1न से 0.5न के बीच कम होता है क्योंकि वे केवल बाजार सूचकांकों पर नजर रखते हैं।
एनपीए क्या हैं?
गैर-निष्पादित परिसंपत्तिया (एनपीए) बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा दिए गए ऐसे ऋण या अग्रिम हैं। जिनसे ऋणदाता को आय प्राप्त होना बंद हो गया है। सरल शब्दों में, एनपीए ऐसे ऋण हैं जिनका भुगतान उधारकर्ता ने ब्याज या मूलधन सहित, लंबे समय तक (आमतौर पर 90 दिन या उससे अधिक) नहीं किया है। एनपीए दो मुख्य प्रकार के होते हैं-सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (जीएनपीए) और शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियाँ (एनएनपीए)। जीएनपीए बैंक के पोर्टफोलियो में गैर-निष्पादित हो चुके ऋणों की कुल राशि को संदर्भित करता है, जबकि एनएनपीए संभावित नुकसानों को कवर करने के लिए बैंक द्वारा किए गए प्रावधानों को दर्शाता है.
आपके मन में ये सवाल हो सकते हैं जल्दी निवेश शुरू करने के क्या फायदे हैं?
जल्दी निवेश शुरू करने से आपके पैसे को चक्रवृद्धि ब्याज के जरिए बढ़ने का ज्यादा समय मिलता है। छोटे निवेश भी दशकों में काफी बड़े हो सकते हैं, क्योंकि प्रतिफल से और प्रतिफल मिलता है। इससे बाद में बड़ी रकम निवेश करने का दबाव भी कम होता है।
चक्रवृद्धि ब्याज से समय के साथ मेरा पैसा कैसे बढ़ता है?
चक्रवृद्धि ब्याज का मतलब है कि आपको न केवल अपने शुरुआती निवेश पर बल्कि संचित रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता है। उदाहरण के लिए, यदि आप 10 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न पर 10,000 का निवेश करते हैं, तो पहले वर्ष के बाद आपको ?1,000 मिलते है। अगले वर्ष, आपको 211,000 पर ब्याज मिलता है, और इसी तरह यह सिलसिला चलता रहता है। समय के साथ, यह स्नोॉल प्रभाव वृद्धि को गति देता है।
डिस्क्लेमरः निवेश जोखिमों के अधीन है। उपरोक्त उदाहरण केवल स्पष्टीकरण के लिए है, यह वास्तविक रिटर्न की भविष्यवाणी नहीं करता है।