AI की नई चाल से वैश्विक शेयर बाजार में हलचल

Update: 2026-02-06 05:37 GMT

एंथ्रोपिक के लीगल एआई टूल का असर यूरोप, अमेरिका और भारत के आईटी शेयरों पर

वैश्विक शेयर बाजारों में बीते सप्ताह तेज हलचल देखने को मिली, जब अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एंथ्रोपिक ने कॉरपोरेट लीगल टीमों के लिए एक नया एआई टूल पेश किया। यह टूल कंपनी के एआई असिस्टेंट ‘क्लॉड’ का हिस्सा है और इन-हाउस लीगल टीमों के रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

क्या है एंथ्रोपिक का नया लीगल एआई टूल

कंपनी के अनुसार यह टूल अनुबंधों की जांच, गोपनीयता समझौतों की समीक्षा, कानूनी सार तैयार करने और सामान्य मसौदा लेखन जैसे नियमित कार्यों को संभाल सकता है। एंथ्रोपिक ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह टूल किसी प्रकार की कानूनी सलाह नहीं देता और एआई द्वारा तैयार सामग्री की अंतिम समीक्षा वकीलों द्वारा किया जाना अनिवार्य है।

इसके बावजूद निवेशकों को यह आशंका सताने लगी कि इस तरह के एआई टूल भविष्य में पारंपरिक लीगल रिसर्च सॉफ्टवेयर और सेवाओं की आवश्यकता को कम कर सकते हैं। इसी चिंता के चलते वैश्विक बाजारों में तेज बिकवाली देखने को मिली।

यूरोप की लीगल सॉफ्टवेयर कंपनियों को बड़ा झटका

एंथ्रोपिक की घोषणा के बाद यूरोप की प्रमुख लीगल और पब्लिशिंग कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। रेलक्स और वोल्टर्स क्लूवर के शेयरों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जबकि पियर्सन के शेयर भी दबाव में रहे।

भारतीय आईटी शेयरों पर असर

इस वैश्विक बिकवाली का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और विप्रो के शेयरों में छह प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यह दबाव मुख्य रूप से विदेशी निवेशकों की ओर से हुई बिकवाली के कारण आया। अमेरिकी बाजारों में रातोंरात आई गिरावट का असर दालाल स्ट्रीट खुलते ही निवेशकों की धारणा पर दिखाई दिया।

निवेशकों की चिंता क्या संकेत देती है

निवेशक अब उन सभी कंपनियों को लेकर सतर्क हो रहे हैं, जिन पर तेजी से आगे बढ़ती एआई तकनीक का असर पड़ सकता है। ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों की तेज प्रगति यह संकेत दे रही है कि सॉफ्टवेयर उद्योग एक बड़े बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुका है।

अमेरिका में भी एआई का डर

अमेरिका में लीगल रिसर्च और सॉफ्टवेयर से जुड़ी कंपनियां सबसे अधिक प्रभावित रहीं। थॉमसन रॉयटर्स, लीगल जूम और लंदन स्टॉक एक्सचेंज समूह के शेयरों में 12 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। इसके बाद सॉफ्टवेयर सेक्टर के अन्य बड़े नामों में भी तेज कमजोरी फैल गई। सॉफ्टवेयर, वित्तीय डेटा और एक्सचेंज से जुड़े दो प्रमुख एसएंडपी सूचकांकों से करीब 300 अरब डॉलर का बाजार मूल्य कम हो गया।

Similar News