TRAI ने बिना डेटा वाले कॉल-SMS मोबाइल रिचार्ज प्लान का ड्राफ्ट जारी किया है। नए नियम लागू होने पर फीचर फोन और बुजुर्ग यूजर्स को सस्ते प्लान मिल सकते हैं।
नई दिल्ली। मोबाइल यूजर्स, खासकर फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों और सिर्फ कॉल के लिए दूसरी सिम रखने वालों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 'दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण विनियम, 2026' का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें बिना डेटा वाले सस्ते मोबाइल रिचार्ज प्लान शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस मसौदे का उद्देश्य साफ है अगर ग्राहक को डेटा की जरूरत नहीं है, तो उसे डेटा का पैसा क्यों चुकाना पड़े? फिलहाल ट्राई ने इस प्रस्ताव पर सभी हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। सुझावों के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
क्या बदल सकता है?
अभी टेलीकॉम कंपनियां सीमित अवधि के लिए ही केवल कॉल और SMS वाले प्लान उपलब्ध कराती हैं। ऐसे में कई ग्राहकों को मजबूरी में डेटा वाला महंगा प्लान लेना पड़ता है। नए प्रस्ताव के तहत कंपनियों को 7, 28, 56 और 84 दिन जैसी हर वैधता अवधि के लिए डेटा प्लान के साथ अलग कॉल और SMS प्लान भी उपलब्ध कराना होगा।
कितने सस्ते हो सकते हैं प्लान?
विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा मोबाइल रिचार्ज की कीमत में 50 से 70 प्रतिशत हिस्सा डेटा सेवाओं का होता है। ऐसे में यदि डेटा हटाया जाता है, तो कॉल और SMS वाले प्लान की कीमत मौजूदा प्लान की तुलना में काफी कम हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, 300 रुपये का मौजूदा प्लान घटकर 100 से 150 रुपये तक का हो सकता है। हालांकि अंतिम कीमत टेलीकॉम कंपनियां तय करेंगी।
किन यूजर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
- फीचर फोन उपयोगकर्ताओं को
- बुजुर्गों को, जो इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते
- सिर्फ कॉल के लिए दूसरी सिम रखने वालों को
- जिनके घर या ऑफिस में Wi-Fi उपलब्ध है
Truecaller जैसे ऐप्स नहीं ब्लॉक कर पाएंगे ये कॉल
TRAI ने ड्राफ्ट में यह भी प्रस्ताव दिया है कि कॉल मैनेजमेंट ऐप्स 1600 और 140 सीरीज के नंबरों को ब्लॉक नहीं कर सकेंगे। 1600 सीरीज: बैंक, RBI, SEBI और सरकारी संस्थानों की जरूरी कॉल्स, 140 सीरीज: कंपनियों के प्रमोशनल कॉल्स (इन्हें DND के जरिए नियंत्रित किया जा सकेगा)
नियम लागू होने के बाद होगा रिव्यू
नियमों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को इन्हें लागू करने के लिए समय दिया जाएगा। TRAI छह महीने बाद इन नियमों के प्रभाव और कंपनियों के अनुपालन की समीक्षा भी करेगा।